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पराली जलाई तो देना होगा जुर्माना, होगा मुकदमा दर्ज
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मथुरा। खेतों में पराली जलाने पर किसानों को जुर्माना देना पड़ेगा। इतना ही नहीं उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। पराली जलाने वाले किसानों की सभी सरकारी सुविधा भी खत्म कर दी जाएगी। कृषि विभाग ने 51 गांव को चिह्नित करके निगरानी करना शुरू कर दिया है। साथ ही जनपद में अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं।
पिछले साल पराली जलाने के मामले जनपद में प्रकाश में आए थे। अधिकतर मामले छाता तहसील के गांव में थे। अबकी बार कृषि विभाग ने 51 गांव को चिह्नित किया है। कृषि विभाग ने जुर्माना भी तय कर दिया। ऐसे किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की रणनीति भी तय कर ली है। उप कृषि निदेशक धुरेंद्र सिंह ने बताया कि दो एकड़ से कम पर 2500 रुपये, पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये, पांच एकड़ से अधिक पर 15 हजार का जुर्माना लगेगा। इसके अलावा पराली जलाता हुआ कोई किसान मिला तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
कंबाइन में स्ट्रा रीपर विद बाइंडर भी जरूरी
अब फसल काटने के लिए कंबाइन हार्वेस्टिंग मशीन में स्ट्रा रीपर विद बाइंडर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) होना जरूरी होगा। ऐसा न होने पर कार्रवाई की जाएगी। पराली जलाने की बजाए बचे हिस्से को काटकर किसान खाद तैयार कर सकता है।
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ग्राम पंचायतों को मिलेंगे कृषि यंत्र
ग्राम पंचायतों को कृषि विभाग पांच लाख रुपये के कृषि यंत्र देगा। इसमें सरकार चार लाख रुपये की छूट देगी। एक लाख रुपये ग्राम पंचायत वहन करेगी। उप कृषि निदेशक ने बताया कि 51 गांव चिह्नित किए हैं। पांच कोऑपरेटिव को भी पांच लाख रुपये के कृषि यंत्र दिए जाएंगे।
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पिछले साल पराली जलाने के मामले जनपद में प्रकाश में आए थे। अधिकतर मामले छाता तहसील के गांव में थे। अबकी बार कृषि विभाग ने 51 गांव को चिह्नित किया है। कृषि विभाग ने जुर्माना भी तय कर दिया। ऐसे किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की रणनीति भी तय कर ली है। उप कृषि निदेशक धुरेंद्र सिंह ने बताया कि दो एकड़ से कम पर 2500 रुपये, पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये, पांच एकड़ से अधिक पर 15 हजार का जुर्माना लगेगा। इसके अलावा पराली जलाता हुआ कोई किसान मिला तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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कंबाइन में स्ट्रा रीपर विद बाइंडर भी जरूरी
अब फसल काटने के लिए कंबाइन हार्वेस्टिंग मशीन में स्ट्रा रीपर विद बाइंडर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) होना जरूरी होगा। ऐसा न होने पर कार्रवाई की जाएगी। पराली जलाने की बजाए बचे हिस्से को काटकर किसान खाद तैयार कर सकता है।
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ग्राम पंचायतों को मिलेंगे कृषि यंत्र
ग्राम पंचायतों को कृषि विभाग पांच लाख रुपये के कृषि यंत्र देगा। इसमें सरकार चार लाख रुपये की छूट देगी। एक लाख रुपये ग्राम पंचायत वहन करेगी। उप कृषि निदेशक ने बताया कि 51 गांव चिह्नित किए हैं। पांच कोऑपरेटिव को भी पांच लाख रुपये के कृषि यंत्र दिए जाएंगे।