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अधिकारी व्यस्त सरकारी कार्यालयों को कामकाज थमा
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मथुरा। विधानसभा चुनाव के कामकाज और कोविड के बढ़ते संक्रमण ने अधिकतर सरकारी कार्यालयों के भौतिक कार्यों पर विराम सा लगा दिया है। इसके चलते इन कार्यालयों में न तो जन शिकायतें आ रही हैं और यदि आ भी आ रही हैं तो उनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है।
आचार संहिता के लागू होते ही चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। प्रक्रिया में कई विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारियों की डॺूटी लगी है। इस ड्यटी के चलते सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी और अधिकारी भी व्यस्त हो गए हैं और कामकाज थम गया है। अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यालय से नदारद रहते हैं। उधर, कोविड के बढ़ते संक्रमण के कारण भी कार्यालयों के कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं।
इस कारण अधिकांश कार्यालय खाली पड़े रहते हैं। मनरेगा के मजदूरों से जुड़े काम हों या फिर आशाओं से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन इन सबमें शिथिलिता आई है। इस संबंध में सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि चुनाव और कोविड के अलावा सभी अधिकारी और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आम जनता की सुनवाई कर उनकी समस्याओं का निस्तारण भी किया जाए, इसमें शिथिलिता नहीं बरती जानी चाहिए।
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आचार संहिता के लागू होते ही चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। प्रक्रिया में कई विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारियों की डॺूटी लगी है। इस ड्यटी के चलते सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी और अधिकारी भी व्यस्त हो गए हैं और कामकाज थम गया है। अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यालय से नदारद रहते हैं। उधर, कोविड के बढ़ते संक्रमण के कारण भी कार्यालयों के कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं।
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इस कारण अधिकांश कार्यालय खाली पड़े रहते हैं। मनरेगा के मजदूरों से जुड़े काम हों या फिर आशाओं से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन इन सबमें शिथिलिता आई है। इस संबंध में सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि चुनाव और कोविड के अलावा सभी अधिकारी और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आम जनता की सुनवाई कर उनकी समस्याओं का निस्तारण भी किया जाए, इसमें शिथिलिता नहीं बरती जानी चाहिए।
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