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नमामि गंगे के तहत होगा यमुना का शुद्धीकरण
अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:03 AM IST
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केंद्रीय मंत्रियों ने की अभियान की शुरुआत
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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केंद्र की मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नमामि गंगे अभियान के द्वितीय चरण की शुरुआत बुधवार को धर्मनगरी से हुई। इससे पहले सात जुलाई को इसके प्र्रथम चरण की शुरुआत हरिद्वार से हुई थी। गंगा के साथ-साथ यमुना को भी प्रदूषण मुक्त करने की बात कहते हुए केंद्रीय मंत्रियों ने गंगा शुद्धीकरण के लिए यमुना के शुद्धीकरण को अहम माना।
वृंदावन के क्रिकेट ग्राउंड पर आयोजित नमामि गंगे अभियान के मंच से सांसद हेमामालिनी ने कहा कि संतों और ब्रजवासियों की यमुना शुद्धीकरण की मांग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार किया और अब मथुरा उद्धार का कार्य शुरू हो चुका है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना स्वच्छ भारत प्रदूषण मुक्त भारत साकार करने के लिए सात राज्यों में नमामि गंगे की 231 परियोजनाएं वर्तमान में शुरू हो चुकी हैं। अगले तीन माह में 1100 परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी वर्ष में केंद्र सरकार देश की नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होेंने कहा कि नमामि गंगे योजना के तहत पहली बार देश में दूषित जल को ट्रीट करने के बाद नदी में छोड़ने के बजाए प्रयोग में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मथुरा के लक्ष्मीनगर में 40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा, जिससे प्रतिदिन 20 एमएलडी दूषित पानी का शोधन कर उसका मथुरा रिफायनरी उपयोग करेगी।
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उन्होंने कहा कि मथुरा रिफायनरी में कूड़े कचरे को भी उपयोग में लाकर बायोगैस बनाए जाएगी और मथुरा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सीएनजी गैस के निर्माण में कार्य किया जाएगा।
केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमाभारती ने बताया कि पिछले 29 वर्षों में गंगा और यमुना के शुद्धीकरण पर वर्ल्ड बैंक और जापान के सहयोग से चार हजार करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन स्थिति नहीं बदली। इसके बाद जब मैने प्रधानमंत्री से गंगा-यमुना शुद्धीकरण के लिए कार्ययोजना शुरू करने की बात कही तो उन्होंने गलतियों को न दोहराने की बात कहते हुए 20 हजार करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर नमामि गंगे योजना शुरू की। अक्तूबर 2018 तक गंगा और यमुना की स्थिति बदल जाएगी।
इस अवसर पर आईओसी के चेयरमैन सीबी अशोक, वाप्कोस कंपनी के चेयरमैन डा. रजत भार्गव, स्वच्छ गंगा मिशन के वित्त सचिव हरिहर मिश्र, जीएम श्रीकांत वैद्य, अशुतोष जिंदल, मथुरा चेयरमैन मनीषा गुप्ता, वृंदावन चेयरमैन मुकेश गौतम, राजेश चौधरी, डीएम दिनेशचंद्र शुक्ला, एसएसपी बबलू कुमार आदि उपस्थित रहे।
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वृंदावन के क्रिकेट ग्राउंड पर आयोजित नमामि गंगे अभियान के मंच से सांसद हेमामालिनी ने कहा कि संतों और ब्रजवासियों की यमुना शुद्धीकरण की मांग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार किया और अब मथुरा उद्धार का कार्य शुरू हो चुका है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना स्वच्छ भारत प्रदूषण मुक्त भारत साकार करने के लिए सात राज्यों में नमामि गंगे की 231 परियोजनाएं वर्तमान में शुरू हो चुकी हैं। अगले तीन माह में 1100 परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
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केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी वर्ष में केंद्र सरकार देश की नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होेंने कहा कि नमामि गंगे योजना के तहत पहली बार देश में दूषित जल को ट्रीट करने के बाद नदी में छोड़ने के बजाए प्रयोग में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मथुरा के लक्ष्मीनगर में 40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा, जिससे प्रतिदिन 20 एमएलडी दूषित पानी का शोधन कर उसका मथुरा रिफायनरी उपयोग करेगी।
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उन्होंने कहा कि मथुरा रिफायनरी में कूड़े कचरे को भी उपयोग में लाकर बायोगैस बनाए जाएगी और मथुरा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सीएनजी गैस के निर्माण में कार्य किया जाएगा।
केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमाभारती ने बताया कि पिछले 29 वर्षों में गंगा और यमुना के शुद्धीकरण पर वर्ल्ड बैंक और जापान के सहयोग से चार हजार करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन स्थिति नहीं बदली। इसके बाद जब मैने प्रधानमंत्री से गंगा-यमुना शुद्धीकरण के लिए कार्ययोजना शुरू करने की बात कही तो उन्होंने गलतियों को न दोहराने की बात कहते हुए 20 हजार करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर नमामि गंगे योजना शुरू की। अक्तूबर 2018 तक गंगा और यमुना की स्थिति बदल जाएगी।
इस अवसर पर आईओसी के चेयरमैन सीबी अशोक, वाप्कोस कंपनी के चेयरमैन डा. रजत भार्गव, स्वच्छ गंगा मिशन के वित्त सचिव हरिहर मिश्र, जीएम श्रीकांत वैद्य, अशुतोष जिंदल, मथुरा चेयरमैन मनीषा गुप्ता, वृंदावन चेयरमैन मुकेश गौतम, राजेश चौधरी, डीएम दिनेशचंद्र शुक्ला, एसएसपी बबलू कुमार आदि उपस्थित रहे।