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कुंभ से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचते हैं गिरिराज परिक्रमा को : एनजीटी
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वृंदावन (मथुरा)। गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान की याचिका पर एनजीटी में बृहस्पतिवार को विशेष सुनवाई हुई। इसमें प्रदेश सरकार के आला अधिकारियों के साथ मथुरा के जिला अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित अन्य सभी प्रमुख अधिकारी न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए। इस मौके पर जवाब से असंतुष्ट होते हुए कोर्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार को कुंभ की ही तरह गिरिराज परिक्रमा मार्ग में भी विकास करवाने चाहिए। इसमें भी ज्यादा श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस दौरान याचिकाकर्ता बाबा आनंद गोपाल दास व सत्य प्रकाश मंगल की ओर से अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने कई शपथपत्रों के माध्यम से न्यायालय का ध्यान गोवर्धन के विकास से जुड़ी प्रमुख समस्याओं की ओर आकर्षित किया। इसमें सर्विस रोड, सीवर की समस्या, रोड और परिक्रमा मार्ग में वाहनों की आवाजाही की समस्या शामिल रहीं। प्रदेश सरकार की और से मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद ने इन सभी बिंदुओं पर अपना जवाब दाखिल किया था।
न्यायाधीश रघुवेन्द्र सिंह राठौर व सत्यवान सिंह गब्रयाल की पीठ ने उत्तरप्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर 12 वर्षों का गिरिराज परिक्रमा करने वालों का आंकड़ा एकत्रित करेंगे तो वो किसी भी कुंभ से ज्यादा निकलेगा। इसलिए गिरिराज परिक्रमा के विकास में देरी न करते हुए सभी महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करवाए।
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न्यायालय ने सभी कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए भी अपर मुख्य सचिव को जिम्मेदारी दी। मथुरा के जिलाधिकारी को भी हिदायत देते हुए कहा कि अपनी जिमेदारियों का पालन करते हुए न्यायालय के सभी आदेशों का क्रियान्वयन करवाने और हर सुनवाई पर अनिवार्य उपस्थित के आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च के लिए तय की गई है ।
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इस दौरान याचिकाकर्ता बाबा आनंद गोपाल दास व सत्य प्रकाश मंगल की ओर से अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने कई शपथपत्रों के माध्यम से न्यायालय का ध्यान गोवर्धन के विकास से जुड़ी प्रमुख समस्याओं की ओर आकर्षित किया। इसमें सर्विस रोड, सीवर की समस्या, रोड और परिक्रमा मार्ग में वाहनों की आवाजाही की समस्या शामिल रहीं। प्रदेश सरकार की और से मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद ने इन सभी बिंदुओं पर अपना जवाब दाखिल किया था।
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न्यायाधीश रघुवेन्द्र सिंह राठौर व सत्यवान सिंह गब्रयाल की पीठ ने उत्तरप्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर 12 वर्षों का गिरिराज परिक्रमा करने वालों का आंकड़ा एकत्रित करेंगे तो वो किसी भी कुंभ से ज्यादा निकलेगा। इसलिए गिरिराज परिक्रमा के विकास में देरी न करते हुए सभी महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करवाए।
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न्यायालय ने सभी कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए भी अपर मुख्य सचिव को जिम्मेदारी दी। मथुरा के जिलाधिकारी को भी हिदायत देते हुए कहा कि अपनी जिमेदारियों का पालन करते हुए न्यायालय के सभी आदेशों का क्रियान्वयन करवाने और हर सुनवाई पर अनिवार्य उपस्थित के आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च के लिए तय की गई है ।