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नगर संकीर्तन शोभायात्रा में शामिल हुए देशी-विदेशी भक्त
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 16 Feb 2017 12:06 AM IST
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नगर संकीर्तन शोभा यात्रा
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जगद्गुरू श्रीमद्भक्ति सिद्धांत सरस्वती गोस्वामी प्रभुपाद महाराज के 144वें शुभाविभाव तिथि पूजा महोत्सव के उपलक्ष्य में बुधवार को नगर संकीर्तन शोभायात्रा आयोजित हुई।
शोभायात्रा विद्यापीठ चौराहा, बांकेबिहारी कालोनी, वनखंडी, लोई बाजार, अनाजमंडी, नगर पालिका चौराहे से होते हुए राधा निवास स्थित चैतन्य गौड़ीया मठ पहुंची। शोभायात्रा में विदेशी भक्तों के साथ पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, मुंबई, राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों से आए श्रद्धालु भी भक्तिमय धुनों पर नाचते-गाते हुए चल रहे थे।
महंत तमालकृष्ण दास ने बताया कि गौड़ीया संप्रदाय के आचार्य श्रीमद्भक्ति सिंद्धात सरस्वती महाराज का संपूर्ण जीवन कृष्णभक्ति के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। भक्तिवेंदात मधुसूदन महाराज ने कहा कि भारत के विभिन्न प्रांतों के साथ विदेशों में भी सिंद्धात सरस्वती ने कृष्णभक्ति की अलख जगाई और असंख्य लोगों को भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ाने का कार्य किया।
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इस अवसर पर भक्तिप्रसाद विष्णु महाराज, परमाद्वेती महाराज, भक्ति स्वरूप साधु महाराज, श्रीधर महाराज, नारसिंह महाराज, बीके अवधूत महाराज, सुधीर संत महाराज, चक्रधर दास ब्रह्मचारी आदि उपस्थित थे।
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शोभायात्रा विद्यापीठ चौराहा, बांकेबिहारी कालोनी, वनखंडी, लोई बाजार, अनाजमंडी, नगर पालिका चौराहे से होते हुए राधा निवास स्थित चैतन्य गौड़ीया मठ पहुंची। शोभायात्रा में विदेशी भक्तों के साथ पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, मुंबई, राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों से आए श्रद्धालु भी भक्तिमय धुनों पर नाचते-गाते हुए चल रहे थे।
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महंत तमालकृष्ण दास ने बताया कि गौड़ीया संप्रदाय के आचार्य श्रीमद्भक्ति सिंद्धात सरस्वती महाराज का संपूर्ण जीवन कृष्णभक्ति के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। भक्तिवेंदात मधुसूदन महाराज ने कहा कि भारत के विभिन्न प्रांतों के साथ विदेशों में भी सिंद्धात सरस्वती ने कृष्णभक्ति की अलख जगाई और असंख्य लोगों को भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ाने का कार्य किया।
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इस अवसर पर भक्तिप्रसाद विष्णु महाराज, परमाद्वेती महाराज, भक्ति स्वरूप साधु महाराज, श्रीधर महाराज, नारसिंह महाराज, बीके अवधूत महाराज, सुधीर संत महाराज, चक्रधर दास ब्रह्मचारी आदि उपस्थित थे।