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Mathura News: 450 से अधिक खंभे टूटे, 28 ट्रांसफाॅर्मर फुंके
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मथुरा। बृहस्पतिवार और शुक्रवार की शाम आई तेज आंधी और खराब मौसम ने जिले की विद्युत व्यवस्था को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और बारिश के चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा। जिलेभर में 450 से अधिक बिजली के खंभे टूट गए और 28 ट्रांसफॉर्मर फुंक गए। इसके चलते कई इलाकों में दो से तीन दिन तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही और लोगों को भीषण गर्मी एवं उमस के बीच परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आंधी का सबसे अधिक असर शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ बाहरी कॉलोनियों और ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला। गोविंद नगर, जयसिंहपुरा, कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर, महोली रोड, वृंदावन रोड और आसपास के कई क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली गुल रही। जगह-जगह पेड़ गिरने से हाईटेंशन लाइनें टूट गईं और कई खंभे धराशायी हो गए। कई क्षेत्रों में ट्रांसफाॅर्मर जलने के कारण आपूर्ति बहाल करने में कई दिन का समय लग गया।
बिजली संकट के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ रही है। पानी की मोटर बंद रहीं, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया। इनवर्टर जवाब दे गए और मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो सके। उमस और गर्मी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की हालत खराब हो गई। छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
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वहीं विद्युत निगम की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी रहीं। कर्मचारियों ने रातभर अलग-अलग क्षेत्रों में फाल्ट ठीक करने, टूटे खंभे बदलने और ट्रांसफार्मर दुरुस्त करने का कार्य किया। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि तेज आंधी के कारण व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ। इससे व्यवस्था को सामान्य करने में समय लगा। अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि शेष इलाकों में तेजी से मरम्मत कार्य जारी है।
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आंधी का सबसे अधिक असर शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ बाहरी कॉलोनियों और ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला। गोविंद नगर, जयसिंहपुरा, कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर, महोली रोड, वृंदावन रोड और आसपास के कई क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली गुल रही। जगह-जगह पेड़ गिरने से हाईटेंशन लाइनें टूट गईं और कई खंभे धराशायी हो गए। कई क्षेत्रों में ट्रांसफाॅर्मर जलने के कारण आपूर्ति बहाल करने में कई दिन का समय लग गया।
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बिजली संकट के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ रही है। पानी की मोटर बंद रहीं, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया। इनवर्टर जवाब दे गए और मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो सके। उमस और गर्मी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की हालत खराब हो गई। छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
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वहीं विद्युत निगम की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी रहीं। कर्मचारियों ने रातभर अलग-अलग क्षेत्रों में फाल्ट ठीक करने, टूटे खंभे बदलने और ट्रांसफार्मर दुरुस्त करने का कार्य किया। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि तेज आंधी के कारण व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ। इससे व्यवस्था को सामान्य करने में समय लगा। अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि शेष इलाकों में तेजी से मरम्मत कार्य जारी है।