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Mathura News: जन्मभूमि में बंदरों का उत्पात हुआ कम, तीन स्थानों पर मिल रहा भोजन
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आने वाले श्रद्धालुओं पर अब बंदर हमला कर खानपान की सामग्री नहीं छीन रहे हैं। इसे रोकने के लिए जन्मभूमि परिसर के बाहरी एरिया में तीन स्थानों पर बंदरों के लिए खानपान के स्थान चिन्हित किए हैं। यहां पर रोजाना 10 किलो चना, मूंगफली के साथ अन्य चीजें बंदरों को खिलाई जा रही है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने सोमवार को प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि परिसर में काफी संख्या में पुराने वृक्ष लगे हैं। इन पर बंदर आकर बैठ जाते थे और श्रद्धालुओं पर हमला करते थे। इन बंदरों के खानपान के लिए 2024 में व्यवस्था की गई तो इनका हमला कम हो गया है।
उन्होंने बताया कि केशव वाटिका, गोशाला और आयुर्वेद भवन के पीछे बंदरों के लिए खानपान का स्थान बनाया है। सचिव ने कहा कि बंदरों को भी खानपान के लिए भोजन चाहिए। जब उनको कुछ नहीं मिलता है तब वह हमला करते हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान व्यवसायी समिति के अध्यक्ष नंद किशोर गुसांई ने कहा कि जन्मभूमि के बाहर 32 दुकानें हैं, यहां पर भी बंदरों का उत्पात रहता था, लेकिन अब इसके लिए एक स्थान चिन्हित कर दिया गया है, तब से बंदर अब श्रद्धालुओं पर हमला नहीं करते हैं। यह जन्मस्थान की पहल अच्छी साबित हुई है।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने सोमवार को प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि परिसर में काफी संख्या में पुराने वृक्ष लगे हैं। इन पर बंदर आकर बैठ जाते थे और श्रद्धालुओं पर हमला करते थे। इन बंदरों के खानपान के लिए 2024 में व्यवस्था की गई तो इनका हमला कम हो गया है।
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उन्होंने बताया कि केशव वाटिका, गोशाला और आयुर्वेद भवन के पीछे बंदरों के लिए खानपान का स्थान बनाया है। सचिव ने कहा कि बंदरों को भी खानपान के लिए भोजन चाहिए। जब उनको कुछ नहीं मिलता है तब वह हमला करते हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान व्यवसायी समिति के अध्यक्ष नंद किशोर गुसांई ने कहा कि जन्मभूमि के बाहर 32 दुकानें हैं, यहां पर भी बंदरों का उत्पात रहता था, लेकिन अब इसके लिए एक स्थान चिन्हित कर दिया गया है, तब से बंदर अब श्रद्धालुओं पर हमला नहीं करते हैं। यह जन्मस्थान की पहल अच्छी साबित हुई है।
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