{"_id":"622361605b1b8e2a9e01746f","slug":"mathura-seven-years-imprisonment-for-raping-brother-s-sister-in-law-mathura-news-mtr514113998","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: भाई की साली से दुष्कर्म करने पर सात वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: भाई की साली से दुष्कर्म करने पर सात वर्ष का कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। पांच वर्ष पूर्व जीजा के भाई द्वारा साली से किए गए दुष्कर्म के मामले में अदालत ने युवक को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। घटना के बाद से अभियुक्त जमानत पर था। निर्णय सुनाने के बाद न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया।
थाना राया क्षेत्र निवासी पीड़िता एक विश्वविद्यालय की छात्रा थी। २९ फरवरी २०१६ को वह कॉलेज जाने के लिए राया के बस स्टॉप पर खड़ी थी। तभी पीड़िता की सगी बहन का देवर अकील अहमद उर्फ रिंकू, पिता अनवार अहमद, दोस्त अहमद, ऑफताब निवासीगण शाजमाल तेलीपाड़ा, पुलिस चौकी गौड़ा रोड, अलीगढ़, अकील का बड़ा भाई अंसार अहमद, बहन रुकसाना उर्फ ममता व उसका पति शब्बीर अहमद निवासी रतिया मार्ग रहमत मस्जिद के सामने नई दिल्ली एक गाड़ी में सवार होकर आए और अलीगढ़ के लिए पीड़िता को बैठा लिया।
सभी लोग पीड़िता को अलीगढ़ कचहरी ले गए और चाय में नशीला पदार्थ खिलाकर कई जगह पर हस्ताक्षर करा लिए। बाद में पीड़िता के साथ अकील द्वारा दुष्कर्म किया गया और अश्लील वीडियो क्लीपिंग बना ली। बाद में इसे दिखाकर कई दफा दुष्कर्म किया। डर के कारण बाद में पीड़िता ने इसकी जानकारी दी। जब इस संबंध में अकील के परिजन को बताया तो बताया कि पीड़िता ने अकील के साथ निकाह कर लिया है। जिसके बाद पीड़िता के भाई ने सभी के खिलाफ थाना राया में रिपोर्ट दर्ज कराई।
विज्ञापन
पुलिस द्वारा केस में चार्जशीट लगाई गई। केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) प्रथम विपिन कुमार द्वारा की गई। शनिवार को अदालत ने केस में निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त अकील अहमद उर्फ रिंकू को सात वर्ष का कारावास तथा ५० हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजीसी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि अदालत ने अन्य सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया।
विज्ञापन
थाना राया क्षेत्र निवासी पीड़िता एक विश्वविद्यालय की छात्रा थी। २९ फरवरी २०१६ को वह कॉलेज जाने के लिए राया के बस स्टॉप पर खड़ी थी। तभी पीड़िता की सगी बहन का देवर अकील अहमद उर्फ रिंकू, पिता अनवार अहमद, दोस्त अहमद, ऑफताब निवासीगण शाजमाल तेलीपाड़ा, पुलिस चौकी गौड़ा रोड, अलीगढ़, अकील का बड़ा भाई अंसार अहमद, बहन रुकसाना उर्फ ममता व उसका पति शब्बीर अहमद निवासी रतिया मार्ग रहमत मस्जिद के सामने नई दिल्ली एक गाड़ी में सवार होकर आए और अलीगढ़ के लिए पीड़िता को बैठा लिया।
विज्ञापन
सभी लोग पीड़िता को अलीगढ़ कचहरी ले गए और चाय में नशीला पदार्थ खिलाकर कई जगह पर हस्ताक्षर करा लिए। बाद में पीड़िता के साथ अकील द्वारा दुष्कर्म किया गया और अश्लील वीडियो क्लीपिंग बना ली। बाद में इसे दिखाकर कई दफा दुष्कर्म किया। डर के कारण बाद में पीड़िता ने इसकी जानकारी दी। जब इस संबंध में अकील के परिजन को बताया तो बताया कि पीड़िता ने अकील के साथ निकाह कर लिया है। जिसके बाद पीड़िता के भाई ने सभी के खिलाफ थाना राया में रिपोर्ट दर्ज कराई।
विज्ञापन
पुलिस द्वारा केस में चार्जशीट लगाई गई। केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) प्रथम विपिन कुमार द्वारा की गई। शनिवार को अदालत ने केस में निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त अकील अहमद उर्फ रिंकू को सात वर्ष का कारावास तथा ५० हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजीसी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि अदालत ने अन्य सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया।