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मथुरा: हिंदू महासभा का कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने संबंधी रिवीजन खारिज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2022 07:42 PM IST
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Mathura: Revision rejected for appointment of court commissioner of Hindu Mahasabha
मथुरा। कोर्ट से बाहर आते हिंदू महासभा के दिनेश शर्मा एवं अन्य। - फोटो : VRINDAVAN
मथुरा। अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा शाही ईदगाह का कोर्ट कमिश्नर के माध्यम से सर्वे किए जाने संबंधी रिवीजन प्रार्थना पत्र एडीजे सप्तम की अदालत ने खारिज कर दिया। महासभा के कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने अदालत से मांग की थी कि शाही ईदगाह में साक्ष्य नष्ट किये जा रहे हैं। इसलिए वहां पर कोर्ट कमिश्नर भेजकर वस्तु स्थिति की जानकारी की जाए। पहले सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में यह प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद जिला जज राजीव भारती की अदालत मेें रिवीजन दाखिल किया। जहां से इसकी सुनवाई एडीजे सप्तम की अदालत मेें हुई।
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महासभा के कोषाध्यक्ष ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान की १३.३७ एकड़ जमीन पर दावा करते हुए शाही ईदगाह हटाने के लिए १३ मई को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दावा किया था। इसी दावे में प्रार्थना पत्र दाखिल किया, जिसमें उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर साक्ष्यों संबंधी रिपोर्ट मंगाने लिए कहा था।
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अदालत ने इसकी सुनवाई के लिए १ जुलाई की तारीख तय कर दी थी। इसके बाद जिला जज की अदालत में रिवीजन दाखिल किया गया। जिला जज की अदालत से रिवीजन की सुनवाई के लिए एडीजे सप्तम संजय चौधरी की अदालत में गया।
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बृहस्पतिवार को अदालत में रिवीजन पर दोनों पक्षों ने बहस की। विपक्षी शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद व उनके साथी नीरज शर्मा, अबरार अहमद ने अपना पक्ष रखा। महासभा की ओर से अधिवक्ता देवकीनंदन शर्मा व दीपक शर्मा ने अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखा। बहस के बाद अदालत ने रिवीजन खारिज कर दिया। एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि पक्षकार बार-बार विधिक प्रक्रिया से अलग तरह-तरह के प्रार्थना पत्र देते रहते हैं।
एडीजे सप्तम द्वारा दिया गया निर्णय स्वागत योग्य है। पक्षकार दिनेश शर्मा ने बताया कि हमने यह रिवीजन जून के अवकाश के कारण डाला था। इसलिए अदालत ने यह कहते हुए रिवीजन अस्वीकार कर दिया कि इसकी सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ही करेगी।
नारायणी सेना के केस मेें ८ अगस्त को होगी सुनवाई
नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव के केस में बृहस्पतिवार को अदालत में सुनवाई के दौरान प्रतिवादीगण ने दावे से संबंधित कागजात मांगे। अदालत ने पक्षकार को दो दिन के अंदर सभी प्रतिवादीगणों को प्रपत्र उपलब्ध कराने को कहा है। जबकि श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट ने भी अदालत मेें कुछ कागजात दाखिल किए हैं।
मनीष यादव द्वारा दाखिल किए गए दावे पर अदालत में सुनवाई शुरू हुई। प्रतिवादीगण ने पक्षकार से दावे से संबंधित प्रपत्र उपलब्ध कराने को कहा। अदालत ने इन प्रपत्रों को दो दिन के अंदर सभी प्रतिवादीगणों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

उधर, श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के अधिवक्ता मुकेश खंडेलवाल आदि द्वारा अदालत को बताया गया कि जिस संपत्ति के संबंध में वाद दाखिल किया गया है उस संपत्ति पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट का नाम राजस्व अभिलेख, नगर पालिका परिषद के रिकॉर्ड में दर्ज है। पक्षकार के अधिवक्ता सुरजीत सिंह ने बताया कि अदालत द्वारा इस केस में ८ अगस्त की तारीख तय की गई है। जबकि शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि केस में प्रतिवादीगण को पूरे प्रपत्र नहीं मिले थे जिसके चलते अदालत ने सभी प्रपत्र दो दिन के अंदर उपलब्ध कराने को कहा है।
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