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मथुरा: मैया री मैंने चोरी नाय करी, जे ग्वालिन झूठौ ही दोष लगामैं...
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ठाकुर राधारमण की भव्य झांकी।
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर राधारमण मंदिर में चल रहे शीतकालीन निकुंज सेवा महोत्सव में आनंद बरस रहा है। नित नवीन रस कुंजों में दर्शन दे रहे ठा. राधारमण देव जू की आकर्षक झांकियां भक्तों को अपनी आकर्षित ओर कर रही हैं। सायंकाल संध्या आरती पश्चात हुई राग सेवा संगीतकार पं. दामोदर शर्मा ने दीं। दामोदर शर्मा ने मुदरी चोरी लीला का गायन किया।
उन्होंने ‘करे राधिका निरत, श्याम छवि निरखत, नीके नेह में परत, लई मुदरी उतारि..., मैया री मैंने चोरी नाय करी, जे ग्वालिन झूठौ ही दोष लगामैं...और जय जय राधारमण हरिबोल, हरि बोल... हरि बोल... हरि बोल... जय जय राधारमण हरिबोल.... आदि भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। शीतऋतु के दृष्टिगत ठा. राधारमण लाल ने हरे रंग की जैकेट सहित रक्तवर्ण के वस्त्र धारण किए, आभूषणों सहित ठा. राधारमण लाल ने स्वर्ण रत्नजड़ित ब्रजरतन मुकुट धारण किया।
ठाकुरजी की शाही एवं नयनाभिराम झांकी को देख भक्त निहाल हो उठे। खिचड़ी महोत्सव के अंतर्गत ठा. राधारमण लाल का प्रात:काल में विविध मेवाओं से बनी गरम गरम खिचड़ी भोग सहित भाजा, अचार, पापड़, मुरब्बा अर्पित किया गया। आध्यात्मिक गुरु आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने निकुंज-महिमा पर प्रकाश डाला। वेणुगोपाल गोस्वामी, अभिनव गोस्वामी व सुवर्ण गोस्वामी मौजूद थे।
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उन्होंने ‘करे राधिका निरत, श्याम छवि निरखत, नीके नेह में परत, लई मुदरी उतारि..., मैया री मैंने चोरी नाय करी, जे ग्वालिन झूठौ ही दोष लगामैं...और जय जय राधारमण हरिबोल, हरि बोल... हरि बोल... हरि बोल... जय जय राधारमण हरिबोल.... आदि भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। शीतऋतु के दृष्टिगत ठा. राधारमण लाल ने हरे रंग की जैकेट सहित रक्तवर्ण के वस्त्र धारण किए, आभूषणों सहित ठा. राधारमण लाल ने स्वर्ण रत्नजड़ित ब्रजरतन मुकुट धारण किया।
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ठाकुरजी की शाही एवं नयनाभिराम झांकी को देख भक्त निहाल हो उठे। खिचड़ी महोत्सव के अंतर्गत ठा. राधारमण लाल का प्रात:काल में विविध मेवाओं से बनी गरम गरम खिचड़ी भोग सहित भाजा, अचार, पापड़, मुरब्बा अर्पित किया गया। आध्यात्मिक गुरु आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने निकुंज-महिमा पर प्रकाश डाला। वेणुगोपाल गोस्वामी, अभिनव गोस्वामी व सुवर्ण गोस्वामी मौजूद थे।
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