{"_id":"60e9b5578ebc3e859d18cb77","slug":"mathura-junction-sachkhand-express-nanded-mathura-railway-station-diesel-leakage-sachkhand-express-engine-mathura-news-agr499252127","type":"story","status":"publish","title_hn":"सचखंड एक्सप्रेस के डीजल टैंक से रिसाव, हादसा टला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सचखंड एक्सप्रेस के डीजल टैंक से रिसाव, हादसा टला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। नांदेड़ से आ रही सचखंड एक्सप्रेस अप में हादसा होते-होते बच गया। ट्रेन के टैंक में डीजल का रिसाव हो रहा था। यह रिसाव नांदेड़ से ही हो रहा था, जिसकी जानकारी मथुरा जंक्शन पर हो सकी। कर्मचारियों ने डीजल का रिसाव देखते ही इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। सूचना पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों की टीम जंक्शन पहुंच गई और उसे ठीक किया गया। इसके आधा घंटे बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
सचखंड एक्सप्रेस नांदेड़ से चलकर अमृतसर को जाती है। शनिवार को जब वह नांदेड़ से चली तो वहां के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों की कमी के चलते डीजल टैंक में रिसाव शुरू हो गया। जिसकी जानकारी मथुरा सुबह करीब 8:23 बजे पहुंचने पर हो सकी। जैसे ही इसकी जानकारी मथुरा जंक्शन पर कर्मचारियों को हुई, उनके द्वारा रेलवे अधिकारियों ओर फिर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों को सूचित किया गया।
डीआरएम के पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि नांदेड़ के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों द्वारा यह स्वीकार किया गया है उनकी गलती के कारण ही डीजल टैंक में रिसाव हुआ। डीजल टैंक के रिसाव को ठीक करके मथुरा से ट्रेन को अमृतसर के लिए रवाना किया गया।
विज्ञापन
रिसाव यदि आग पकड़ लेता तो हो सकता था हादसा
डीजल के रिसाव से सबसे बड़ा खतरा यह है कि यदि डीजल आग पकड़ लेता और इसकी जानकारी कुछ देर बाद होती तो ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।
सचखंड एक्सप्रेस के इंजन पर फेंका पत्थर
अमृतसर से नांदेड़ जाने वाली सचखंड एक्सप्रेस डाउन पर शनिवार को पत्थरबाज ने निशाना बनाया। यह पत्थर अडूकी के निकट फेंका गया। सचखंड के चालक ने शनिवार को कंट्रोल को सूचना दी कि जंक्शन से छूटने के बाद अडूकी गांव के निकट किसी ने ट्रेन के इंजन पर पत्थर मारा है। कंट्रोल की सूचना के बाद आरपीएफ थाना प्रभारी निरीक्षक सीबी प्रसाद तत्काल अडूकी गांव पहुंचे। छानबीन करने के बाद रेलवे ट्रैक के सहारे कोई नहीं मिला। संवाद
विज्ञापन
सचखंड एक्सप्रेस नांदेड़ से चलकर अमृतसर को जाती है। शनिवार को जब वह नांदेड़ से चली तो वहां के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों की कमी के चलते डीजल टैंक में रिसाव शुरू हो गया। जिसकी जानकारी मथुरा सुबह करीब 8:23 बजे पहुंचने पर हो सकी। जैसे ही इसकी जानकारी मथुरा जंक्शन पर कर्मचारियों को हुई, उनके द्वारा रेलवे अधिकारियों ओर फिर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों को सूचित किया गया।
विज्ञापन
डीआरएम के पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि नांदेड़ के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों द्वारा यह स्वीकार किया गया है उनकी गलती के कारण ही डीजल टैंक में रिसाव हुआ। डीजल टैंक के रिसाव को ठीक करके मथुरा से ट्रेन को अमृतसर के लिए रवाना किया गया।
विज्ञापन
रिसाव यदि आग पकड़ लेता तो हो सकता था हादसा
डीजल के रिसाव से सबसे बड़ा खतरा यह है कि यदि डीजल आग पकड़ लेता और इसकी जानकारी कुछ देर बाद होती तो ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।
सचखंड एक्सप्रेस के इंजन पर फेंका पत्थर
अमृतसर से नांदेड़ जाने वाली सचखंड एक्सप्रेस डाउन पर शनिवार को पत्थरबाज ने निशाना बनाया। यह पत्थर अडूकी के निकट फेंका गया। सचखंड के चालक ने शनिवार को कंट्रोल को सूचना दी कि जंक्शन से छूटने के बाद अडूकी गांव के निकट किसी ने ट्रेन के इंजन पर पत्थर मारा है। कंट्रोल की सूचना के बाद आरपीएफ थाना प्रभारी निरीक्षक सीबी प्रसाद तत्काल अडूकी गांव पहुंचे। छानबीन करने के बाद रेलवे ट्रैक के सहारे कोई नहीं मिला। संवाद