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मथुरा: ढप धर दै यार गई परु की...
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मथुरा। संगमरमर की छतरी से दर्शन देतीं राधारानी।
- फोटो : MATHURA
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बरसाना (मथुरा)। जो जीवैगो सो खेलेगौ, ढप धर दै यार गई परु की, पद के साथ शुक्रवार को 40 दिवसीय होली महोत्सव का समापन हो गया। इस दौरान राधारानी ने अपने गर्भग्रह से बाहर निकल कर मंदिर परिसर में स्थित सफेद छतरी में विराजमान होकर अपने भक्तों पर कृपा का सागर उड़ेला।
वृषभानु नंदिनी के निज धाम बरसाना में वसंत पंचमी से शुरू होने वाले 40 दिवसीय होली के धमार का समापन शुक्रवार को जो जीवैगो सो खेलेगौ, ढप धर दै यार गई परु की, पद के साथ हो गया।
शाम पांच बजे श्रीराधा जी के डोला को सेवायत कंधों पर उठा कर मंदिर परिसर में बनी संगमरमर की सफेद छतरी में विराजमान किया। श्यामा प्यारी के नजदीक से दर्शन करने के लिए श्रद्धालु बेताब नजर आ रहे थे। पूरा मंदिर परिसर राधाकृष्ण के जयघोष से गुंजयमान हो रहा था।
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वृषभानु नंदिनी के निज धाम बरसाना में वसंत पंचमी से शुरू होने वाले 40 दिवसीय होली के धमार का समापन शुक्रवार को जो जीवैगो सो खेलेगौ, ढप धर दै यार गई परु की, पद के साथ हो गया।
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शाम पांच बजे श्रीराधा जी के डोला को सेवायत कंधों पर उठा कर मंदिर परिसर में बनी संगमरमर की सफेद छतरी में विराजमान किया। श्यामा प्यारी के नजदीक से दर्शन करने के लिए श्रद्धालु बेताब नजर आ रहे थे। पूरा मंदिर परिसर राधाकृष्ण के जयघोष से गुंजयमान हो रहा था।
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