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मथुरा: बसपा सुप्रीमो ने मथुरा के 3 नेता किए पार्टी से निष्कासित
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वृंदावन (मथुरा)। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद ही मथुरा से प्रत्याशी रहे एसके शर्मा ने रिजल्ट के दूसरे दिन ही पार्टी को अलविदा कह दिया था। उधर, बसपा सुप्रीमो ने विधानसभा चुनाव लड़ चुके दो प्रत्याशियों को अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए बाहर का रास्ता दिखाया है।
मालूम हो कि चुनाव के दौरान मांट विधानसभा से भाजपा से टिकट न मिलने पर एसके शर्मा ने भाजपा को छोड़कर बसपा ज्वाइन करके मथुरा से चुनाव लड़ा था। भाजपा से नाराज होकर पार्टी छोड़ना और भावुक होने का मामला काफी सुर्खियों में रहा था।
१० मार्च को जैसे ही रिजल्ट आया और ११ मार्च को एसके शर्मा ने बसपा के प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया था। उधर, पार्टी ने गोवर्धन विधानसभा सीट के प्रत्याशी रहे पूर्व विधायक राजकुमार रावत व छाता के सोनपाल सिंह को अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
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बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष योगेश कुमार ने बताया कि अनुशासनहीनता के कारण निष्कासित किया है। इनको कई बार चेतावनी दी गई लेकिन इसके बावजूद भी नेताओं की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया। जिसकी वजह से पार्टी हित में इनको बसपा से निष्कासित कर दिया गया है।
11 मार्च को ही छोड़ दी थी बसपा
मथुरा-वृंदावन सीट से चुनाव लड़े एसके शर्मा ने बताया कि उन्होंने 11 मार्च को ही बसपा से इस्तीफा दे दिया था। समीक्षा बैठक में बुलाने के लिए फोन आए लेकिन हमने जाने से साफ मना कर दिया और कह दिया था कि जब पार्टी ही छोड़ दी तो अब बैठक में जाने का क्या मतलब।
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मालूम हो कि चुनाव के दौरान मांट विधानसभा से भाजपा से टिकट न मिलने पर एसके शर्मा ने भाजपा को छोड़कर बसपा ज्वाइन करके मथुरा से चुनाव लड़ा था। भाजपा से नाराज होकर पार्टी छोड़ना और भावुक होने का मामला काफी सुर्खियों में रहा था।
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१० मार्च को जैसे ही रिजल्ट आया और ११ मार्च को एसके शर्मा ने बसपा के प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया था। उधर, पार्टी ने गोवर्धन विधानसभा सीट के प्रत्याशी रहे पूर्व विधायक राजकुमार रावत व छाता के सोनपाल सिंह को अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
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बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष योगेश कुमार ने बताया कि अनुशासनहीनता के कारण निष्कासित किया है। इनको कई बार चेतावनी दी गई लेकिन इसके बावजूद भी नेताओं की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया। जिसकी वजह से पार्टी हित में इनको बसपा से निष्कासित कर दिया गया है।
11 मार्च को ही छोड़ दी थी बसपा
मथुरा-वृंदावन सीट से चुनाव लड़े एसके शर्मा ने बताया कि उन्होंने 11 मार्च को ही बसपा से इस्तीफा दे दिया था। समीक्षा बैठक में बुलाने के लिए फोन आए लेकिन हमने जाने से साफ मना कर दिया और कह दिया था कि जब पार्टी ही छोड़ दी तो अब बैठक में जाने का क्या मतलब।