{"_id":"62efcff07fe91767873fa8c0","slug":"mathura-advocates-of-supreme-and-high-court-will-come-for-debate-in-thakur-keshavdev-case-mathura-news-mtr5220194155","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: ठाकुर केशवदेव केस में बहस के लिए आएंगे सुप्रीम व हाईकोर्ट के अधिवक्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: ठाकुर केशवदेव केस में बहस के लिए आएंगे सुप्रीम व हाईकोर्ट के अधिवक्ता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। एडीजे सप्तम की अदालत में ठाकुर केशवदेव केस में रिवीजन में चल रही सुनवाई के दौरान सुप्रीम और हाईकोर्ट के चर्चित अधिवक्ताओं के आने की उम्मीद है।
केस के पक्षकारगण ने अधिवक्ताओें से संपर्क किया है। अदालत में ११ अगस्त को बहस होनी है। जानकारी रहे कि सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने ७ रूल ११ सीपीसी पर बहस का आदेश दिया है। जिससे पक्षकार असंतुष्ट हैं।
एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह व अन्य ने ठाकुर केशवदेव को वादी बनाकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की १३.३७ एकड़ जमीन पर दावा किया और बताया कि शाही ईदगाह जिस जमीन पर खड़ी है, उस स्थान पर मंदिर था। औरंगजेब ने मंदिर को तोड़कर ईदगाह का निर्माण कराया था।
विज्ञापन
सिविल जज सीनियर डिवीजन की न्यायाधीश ज्योति सिंह ने आदेश दिया कि पहले केस सुनने योग्य है या नहीं, इस मुद्दे पर बहस होगी। जबकि पक्षकारगणों का कहना है कि पहले कोर्ट को अमीन और अधिवक्ता कमीशन के मुद्दे पर सुनवाई करनी चाहिए। वादी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उनके द्वारा सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय, राकेश द्विवेदी, मुग्दा चांदोलकर नागपुर हाईकोर्ट, सुब्रहमणयम स्वामी से संपर्क किया है। इन सभी अधिवक्ताओं को वह रिवीजन की सुनवाई में लाएंगे। सबसे पहले अधिवक्ता राकेश द्विवेदी आएंगे।
विज्ञापन
केस के पक्षकारगण ने अधिवक्ताओें से संपर्क किया है। अदालत में ११ अगस्त को बहस होनी है। जानकारी रहे कि सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने ७ रूल ११ सीपीसी पर बहस का आदेश दिया है। जिससे पक्षकार असंतुष्ट हैं।
विज्ञापन
एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह व अन्य ने ठाकुर केशवदेव को वादी बनाकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की १३.३७ एकड़ जमीन पर दावा किया और बताया कि शाही ईदगाह जिस जमीन पर खड़ी है, उस स्थान पर मंदिर था। औरंगजेब ने मंदिर को तोड़कर ईदगाह का निर्माण कराया था।
विज्ञापन
सिविल जज सीनियर डिवीजन की न्यायाधीश ज्योति सिंह ने आदेश दिया कि पहले केस सुनने योग्य है या नहीं, इस मुद्दे पर बहस होगी। जबकि पक्षकारगणों का कहना है कि पहले कोर्ट को अमीन और अधिवक्ता कमीशन के मुद्दे पर सुनवाई करनी चाहिए। वादी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उनके द्वारा सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय, राकेश द्विवेदी, मुग्दा चांदोलकर नागपुर हाईकोर्ट, सुब्रहमणयम स्वामी से संपर्क किया है। इन सभी अधिवक्ताओं को वह रिवीजन की सुनवाई में लाएंगे। सबसे पहले अधिवक्ता राकेश द्विवेदी आएंगे।