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मथुरा: वसंत पंचमी पर बन रहे 4 शुभ योग
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मथुरा। ज्योतिष के अनुसार इस बार की वसंत पंचमी बेहद ही खास है। इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें मां सरस्वती की पूजा करना बहुत ही शुभ माना गया है।
ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता ने बताया कि इस बार वसंत पंचमी पर 4 शुभ योग बन रहे हैं। वसंत पंचमी पर बनने वाले शुभ मुहूर्तों में सर्वार्थसद्धि योग, शिव योग, रवि योग, सिद्ध योग सोने में सुहागा है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी वसंत पंचमी के दिन से शुरू कर सकते हैं। बसंत पंचमी एक अबूझ-मुहूर्त होता है, इसमें कोई भी कार्य किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि वसंत पंचमी के दिन बनने वाला रवि योग तब बनता है, जब चंद्रमा सूर्य से 4 नक्षत्र की दूरी पर होता है। इसलिए वसंत पंचमी के दिन इस योग में पूजा पाठ करने से प्रतियोगी छात्रों को सफलता मिलती है। ज्योतिष के अनुसार शिव योग का निर्माण तब होता है जब नवें भाव का स्वामी ग्रह दसवें भाव तथा दसवें भाव का स्वामी ग्रह पांचवें भाव में हो। यह बहुत ही शुभ योग है, इस दौरान पूजा पाठ करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। आलोक गुप्ता ने बताया कि विशेष दिन, विशेष तिथि और खास नक्षत्रों के एक साथ होने पर बनने वाले योग को सिद्ध योग कहा जाता है। माना यह भी जाता है कि इस योग में शुरू किए गए कार्यों में निस्संदेह सफलता मिलती है। वसंत पंचमी पर इस योग के बनने से इस दिन को बेहद ही खास माना जा रहा है।
वसंत पंचमी पर पूजा
इस दिन माता सरस्वती की पूजा करने के दौरान पीले रंग के कपड़े पहनें। इसके अलावा इस दिन घर में पीले व्यंजन पकाना बहुत शुभ माना जाता है। मां सरस्वती को पूजा में केसर, पीले फूल, हल्दी, पीले रंग की मिठाई अर्पित करने चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता ने बताया कि इस बार वसंत पंचमी पर 4 शुभ योग बन रहे हैं। वसंत पंचमी पर बनने वाले शुभ मुहूर्तों में सर्वार्थसद्धि योग, शिव योग, रवि योग, सिद्ध योग सोने में सुहागा है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी वसंत पंचमी के दिन से शुरू कर सकते हैं। बसंत पंचमी एक अबूझ-मुहूर्त होता है, इसमें कोई भी कार्य किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि वसंत पंचमी के दिन बनने वाला रवि योग तब बनता है, जब चंद्रमा सूर्य से 4 नक्षत्र की दूरी पर होता है। इसलिए वसंत पंचमी के दिन इस योग में पूजा पाठ करने से प्रतियोगी छात्रों को सफलता मिलती है। ज्योतिष के अनुसार शिव योग का निर्माण तब होता है जब नवें भाव का स्वामी ग्रह दसवें भाव तथा दसवें भाव का स्वामी ग्रह पांचवें भाव में हो। यह बहुत ही शुभ योग है, इस दौरान पूजा पाठ करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। आलोक गुप्ता ने बताया कि विशेष दिन, विशेष तिथि और खास नक्षत्रों के एक साथ होने पर बनने वाले योग को सिद्ध योग कहा जाता है। माना यह भी जाता है कि इस योग में शुरू किए गए कार्यों में निस्संदेह सफलता मिलती है। वसंत पंचमी पर इस योग के बनने से इस दिन को बेहद ही खास माना जा रहा है।
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वसंत पंचमी पर पूजा
इस दिन माता सरस्वती की पूजा करने के दौरान पीले रंग के कपड़े पहनें। इसके अलावा इस दिन घर में पीले व्यंजन पकाना बहुत शुभ माना जाता है। मां सरस्वती को पूजा में केसर, पीले फूल, हल्दी, पीले रंग की मिठाई अर्पित करने चाहिए।
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