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शहर में गूंजी शहनाई, सड़कों पर जाम
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 22 Nov 2015 11:45 PM IST
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देवोत्थान एकादशी को देव जागे तो शहर में शहनाई गूंज उठी। अनसूझे सहालग पर शहर के अधिकांश मैरिज होम पर शादियों की धूम रही। सड़कों पर बारातियों ने जमकर धमाल मचाया।
देव प्रबोधिनी एकादशी पर चार माह से सो रहे देव जाग गए। इसी के साथ शहर में शहनाई गूंज उठी और मंगलकार्य शुरु हो गए। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार देवोत्थान एकादशी को अनसूझा सहालग होता है।
ऐसे में जिन लोगों को मैरिज होम, होटल नहीं मिला तो फिर सड़क पर ही टैंट लगाकर शादियां संपन्न की गईं। शाम होते ही सड़क पर बारातियों की धूम मच गई।
इसके चलते जाम लग गया। देर रात तक जाम की स्थिति बनी रही। पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस माह 23, 26 और 27 नवंबर को जोरदार सहालग है।
घर-घर में हुई पूजा अर्चना
मथुरा। चार माह से सो रहे भगवान विष्णु देवोत्थान एकादशी को जागे। उनके जागने के लिए घरों में भी विधि से पूजा अर्चना की गई। इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए और गन्ना व सिंघाड़ों से पूजा अर्चना की।
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देव प्रबोधिनी एकादशी पर चार माह से सो रहे देव जाग गए। इसी के साथ शहर में शहनाई गूंज उठी और मंगलकार्य शुरु हो गए। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार देवोत्थान एकादशी को अनसूझा सहालग होता है।
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ऐसे में जिन लोगों को मैरिज होम, होटल नहीं मिला तो फिर सड़क पर ही टैंट लगाकर शादियां संपन्न की गईं। शाम होते ही सड़क पर बारातियों की धूम मच गई।
इसके चलते जाम लग गया। देर रात तक जाम की स्थिति बनी रही। पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस माह 23, 26 और 27 नवंबर को जोरदार सहालग है।
घर-घर में हुई पूजा अर्चना
मथुरा। चार माह से सो रहे भगवान विष्णु देवोत्थान एकादशी को जागे। उनके जागने के लिए घरों में भी विधि से पूजा अर्चना की गई। इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए और गन्ना व सिंघाड़ों से पूजा अर्चना की।
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