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उपछाया चंद्र ग्रहण आज, इस वर्ष प्राकृतिक आपदा और महामारी का दे रहा संदेश
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वृंदावन। वर्ष 2021 का पहला चंद्र ग्रहण आज 26 मई को उपच्छाया चंद्र ग्रहण के रूप में लगने वाला है। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं है, बल्कि उपच्छाया, खंड, खग्रास चंद्र ग्रहण है। इसका कोई धार्मिक प्रभाव नहीं है। ज्योतिषियों की गणना के अनुसार यह इस वर्ष प्राकृतिक आपदा और महामारी का संदेश दे रहा है।
ज्योतिषाचार्य पंडित अवधेश शास्त्री बादल का कहना है कि यह खग्रास चंद्रग्रहण है। यह भारत में केवल पूर्वी भाग के कुछ क्षेत्रों में ग्रस्तोदित खण्ड चंद्रग्रहण के रूप में चंद्रोदय के समय दृश्य होगा। खण्ड चंद्रग्रहण का प्रारंभ दोपहर 3: 14 मिनट पर तथा मोक्ष सायं 6:23 मिनट पर होगा, जबकि खग्रास चंद्रग्रहण का प्रारंभ 4:39 मिनट पर होगा, इसका मोक्ष 4:57 मिनट पर होगा।
ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता ने बताया कि 26 मई को वैशाख पूर्णिमा या बुद्ध पूर्णिमा भी है। इस दिन उपच्छाया चंद्र ग्रहण दोपहर से शुरू होगा और शाम तक रहेगा। यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण पूर्वी एशिया, उत्तरी यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के कुछ इलाकों में पूर्ण रुप से दिखाई देगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण उपच्छाया की तरह होगा। इस ग्रहण में किसी भी प्रकार के धार्मिक कामों पर रोक नहीं होती। इस ग्रहण का सर्वाधिक प्रभाव वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र पर रहेगा। उन्होंने बताया सभी लोगों को सूतक काल के समय वर्जित कार्यों से दूर रहना चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य पंडित अवधेश शास्त्री बादल का कहना है कि यह खग्रास चंद्रग्रहण है। यह भारत में केवल पूर्वी भाग के कुछ क्षेत्रों में ग्रस्तोदित खण्ड चंद्रग्रहण के रूप में चंद्रोदय के समय दृश्य होगा। खण्ड चंद्रग्रहण का प्रारंभ दोपहर 3: 14 मिनट पर तथा मोक्ष सायं 6:23 मिनट पर होगा, जबकि खग्रास चंद्रग्रहण का प्रारंभ 4:39 मिनट पर होगा, इसका मोक्ष 4:57 मिनट पर होगा।
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ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता ने बताया कि 26 मई को वैशाख पूर्णिमा या बुद्ध पूर्णिमा भी है। इस दिन उपच्छाया चंद्र ग्रहण दोपहर से शुरू होगा और शाम तक रहेगा। यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण पूर्वी एशिया, उत्तरी यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के कुछ इलाकों में पूर्ण रुप से दिखाई देगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण उपच्छाया की तरह होगा। इस ग्रहण में किसी भी प्रकार के धार्मिक कामों पर रोक नहीं होती। इस ग्रहण का सर्वाधिक प्रभाव वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र पर रहेगा। उन्होंने बताया सभी लोगों को सूतक काल के समय वर्जित कार्यों से दूर रहना चाहिए।
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