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आज लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत

Fri, 11 Dec 2015 11:25 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Fri, 11 Dec 2015 11:25 PM IST
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lok adalat in mathura
अगर आप किसी कारणवश अपने वाद (केस) को लोक अदालत में निस्तारण के लिए सूचीबद्ध नहीं करा सके है और दोनों पक्ष इसके लिए सहमत हैं। तो आप सीधे राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचकर अपने मामले का निपटारा करा सकते हैं। इसके लिये सभी प्रक्रिया मौके पर ही पूरी कर दी जाएंगी।
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विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें अब तक कुल 51,000 वाद निस्तारण के लिए चिह्नित किए गए हैं।  इसमें न्यायालय में लंबित 30,000 वाद, बैंकों के 16,000 और राजस्व विभाग के 5,000 वाद हैं।
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विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायालय परिसर में विभिन्न न्यायालयों के अलावा बैंकों के 18, बिजली विभाग, बीएसएनएल और इंश्योरेंस विभाग के स्टाल पर लंबित मामलों की सीधी सुनवाई होगी। इसके अलावा सभी तहसील न्यायालय, सरकारी विभाग के अधिकारी भी सूचीबद्ध और लंबित मामलों की सुनवाई करेंगे।
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मे आई हेल्प यू प्लीज...
न्यायालय परिसर में प्रवेश के साथ ही ‘मे आई हेल्प यू प्लीज’ का काउंटर आपका स्वागत करेगा। इस काउंटर पर वादकारी को उसके स्टॉल के स्थान बताया जाएगा, साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत संबंधी सभी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। ऐसे दो काउंटर वादकारियों की सुविधा के लिए लगाए जा रहे हैं।



सुलह के माध्यम से इन मामलों का होगा निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर आपराधिक वादों, सिविल वादों, भूमि अधिग्रहण वादों, पारिवारिक वाद, स्टाम्प वाद, उपभोक्ता फोरम वाद, राजस्व वाद, चकबंदी वाद, श्रम मामले, नगर निगम टैक्स वसूली मामले, धारा 446 दंड प्रक्रिया संहिता संबंधी मामले, पब्लिक प्रिमिसेज एक्ट संबंधी मामले, उत्तराधिकार संबंधी मामले, आयुध अधिनियम के उपयुक्त प्रकरण, बीमा संबंधी वाद, समस्त चालान, मोबाइल कंपनी, केबल, नेटवर्क संबंधी मामले, मनरेगा प्रकरण, शिक्षा का अधिकार संबंधी प्रकरण, जलकर एवं गृहकर, रेलवे दावे, राशन कार्ड, बीपीएल कार्ड/जाति एवं आय प्रमाणपत्र संबंधी प्रकरण के मामले निपटाए जाएंगे।


फैक्ट फाइल
-36 न्यायालयों में लंबित पड़े हैं 90 हजार वाद
-वादों के बोझ के चलते न्याय में होता है विलंब
-सुलह-समझौते से 50 फीसदी केसों के निपटारे का लक्ष्य
-न्यायालय सहित सभी विभागों में होगी सुनवाई
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