{"_id":"5e91effc8ebc3e774f34f66b","slug":"lockdown-mathura-news-agr437568384","type":"story","status":"publish","title_hn":"17 महिला आश्रय सदनों को किया सैनिटाइज, 1000 वृद्धाओं का स्वास्थ्य परीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
17 महिला आश्रय सदनों को किया सैनिटाइज, 1000 वृद्धाओं का स्वास्थ्य परीक्षण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन। घर छोड़कर कान्हा की आराधना के लिए बंगाल से वृंदावन आईं वृद्ध विधवा महिलाओं को कोरोना वायरस जैसे संक्रमण से बचाने के लिए महिला आश्रय सदनों को सैनिटाइज किया जा रहा है। साथ ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है।
पिछले करीब दो दशक से भगवान श्रीराधाकृष्ण की लीला स्थली में बड़ी संख्या में विधवा महिलाएं भजन के लिए आई हुई हैं। इसमें सबसे बड़ी संख्या बंगाल की विधवाओं की है, जो घर छोड़कर ठाकुर जी के भजन में लगी हैं। केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर इनके रहने के लिए आश्रय सदन बनाए गए हैं। जहां भोजन आदि की व्यवस्थाएं हैं। इन विधवा महिलाओं के लिए कुछ प्राइवेट आश्रय सदन भी संचालित हैं। इन महिलाओं में अधिकांश वृद्ध हैं।
अधिक उम्र के कारण ये किसी प्रकार के संक्रमण का शिकार न हों, इसे ध्यान रखते हुए वृंदावन के करीब 17 महिला आश्रय सदनों को सैनिटाइज किया गया है। यहां कीटनाशक दवाओं का भी छिड़काव कराया गया है। महिला बाल विकास विभाग की ओर से वृंदावन के महिला आश्रय सदनों में रह रही करीब एक हजार वृद्धाओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी ने बताया कि महिला सदन में रह रही वृद्धाओं के भोजन और राशन आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए उन्हें साबुन व मास्क उपलब्ध कराए गए हैं। स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक सभी स्वस्थ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले करीब दो दशक से भगवान श्रीराधाकृष्ण की लीला स्थली में बड़ी संख्या में विधवा महिलाएं भजन के लिए आई हुई हैं। इसमें सबसे बड़ी संख्या बंगाल की विधवाओं की है, जो घर छोड़कर ठाकुर जी के भजन में लगी हैं। केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर इनके रहने के लिए आश्रय सदन बनाए गए हैं। जहां भोजन आदि की व्यवस्थाएं हैं। इन विधवा महिलाओं के लिए कुछ प्राइवेट आश्रय सदन भी संचालित हैं। इन महिलाओं में अधिकांश वृद्ध हैं।
विज्ञापन
अधिक उम्र के कारण ये किसी प्रकार के संक्रमण का शिकार न हों, इसे ध्यान रखते हुए वृंदावन के करीब 17 महिला आश्रय सदनों को सैनिटाइज किया गया है। यहां कीटनाशक दवाओं का भी छिड़काव कराया गया है। महिला बाल विकास विभाग की ओर से वृंदावन के महिला आश्रय सदनों में रह रही करीब एक हजार वृद्धाओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी ने बताया कि महिला सदन में रह रही वृद्धाओं के भोजन और राशन आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए उन्हें साबुन व मास्क उपलब्ध कराए गए हैं। स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक सभी स्वस्थ हैं।
विज्ञापन