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नंदगांव की लठामार होली को राजकीय मेले में शामिल करने की मांग
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नंदगांव। नंदगांव के हुरियारे लठामार होली मेला को राजकीय मेले में शामिल न करने की घोषणा से निराश हैं। उन्होंने इसे राजकीय मेले में शामिल करने की मांग की है। वहीं इसे शासकीय मेला नहीं घोषित करने पर सरकार की ओर से बनवाई जा रही 200 ढालों बहिष्कार करेंगे।
शासन की ओर से बरसाना की लठामार होली को प्रांतीय मेला घोषित करने का प्रस्ताव है, जिसमें बरसाना एवं आसपास के गांवों को भी सम्मलित किया जाएगा। नंदगांव में भी लठामार होली का आयोजन किया जाता है। इसमें बड़ी संख्या में देशी-विदेशी श्रद्धालुओं के साथ-साथ विदेशी मीडिया भी पहुंचती है।
नंद बाबा मंदिर के सेवायत सुशील गोस्वामी ने कहा कि बरसाना राधाजी का स्वरूप है और नंदगांव कन्हैया का, फिर सरकार ने केवल बरसाना को ही शासकीय मेला घोषित किया है। नंदगांव की उपेक्षा कर दी। नंदगांव बरसाना के प्रत्येक उत्सव तीज, त्योहार साझा संस्कृति के अनूठे उदाहरण हैं।
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रमेश चंद गोस्वामी ने बताया कि अगर सरकार ने समय रहते बरसाना की होली के साथ नंदगांव की होली को भी शासकीय मेला घोषित नहीं किया तो फिर सरकार द्वारा बनवाई जा रही 200 ढालों का भी बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान गोकुलेश गोस्वामी, मुरली, मुरारी, विष्णु प्रसाद, लक्ष्मीनारायण, गोंविद गोस्वामी, गोपाल गोस्वामी आदि मौजूद थे।
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शासन की ओर से बरसाना की लठामार होली को प्रांतीय मेला घोषित करने का प्रस्ताव है, जिसमें बरसाना एवं आसपास के गांवों को भी सम्मलित किया जाएगा। नंदगांव में भी लठामार होली का आयोजन किया जाता है। इसमें बड़ी संख्या में देशी-विदेशी श्रद्धालुओं के साथ-साथ विदेशी मीडिया भी पहुंचती है।
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नंद बाबा मंदिर के सेवायत सुशील गोस्वामी ने कहा कि बरसाना राधाजी का स्वरूप है और नंदगांव कन्हैया का, फिर सरकार ने केवल बरसाना को ही शासकीय मेला घोषित किया है। नंदगांव की उपेक्षा कर दी। नंदगांव बरसाना के प्रत्येक उत्सव तीज, त्योहार साझा संस्कृति के अनूठे उदाहरण हैं।
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रमेश चंद गोस्वामी ने बताया कि अगर सरकार ने समय रहते बरसाना की होली के साथ नंदगांव की होली को भी शासकीय मेला घोषित नहीं किया तो फिर सरकार द्वारा बनवाई जा रही 200 ढालों का भी बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान गोकुलेश गोस्वामी, मुरली, मुरारी, विष्णु प्रसाद, लक्ष्मीनारायण, गोंविद गोस्वामी, गोपाल गोस्वामी आदि मौजूद थे।