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अपहरण कर नाबालिग से दुष्कर्म में दस वर्ष की सजा
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मथुरा। अपहरण कर नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो द्वितीय की अदालत ने अभियुक्त को दस वर्ष के सश्रम कारावास व 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
20 जून 2012 को बरसाना थाने के एक गांव में 12 वर्षीय किशोरी का अपहरण हो गया। जिसको पुलिस ने बाद में बरामद कर लिया। पिता ने बरसाना थाने में बालिका के साथ अपहरण कर दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। किशोरी की बुआ तारावती समेत वीरपाल निवासी मलसराय गोवर्धन तथा जग्गो उर्फ जगदीश निवासी भरतपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
बताया कि अभियुक्तगण बालिका के अपहरण के साथ-साथ घर में रखी नकदी भी ले गए थे। इसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो द्वितीय जहेंद्र पाल सिंह की अदालत में चली। सुनवाई के दौरान अदालत ने तारावती व जगदीश को दोष मुक्त कर दिया गया, जबकि वीरपाल को दोष सिद्ध पाया। अदालत ने वीरपाल को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने वीरपाल को जेल भेज दिया। एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा। जमानत पर मौजूद अभियुक्त को जेल भेजा गया है।
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20 जून 2012 को बरसाना थाने के एक गांव में 12 वर्षीय किशोरी का अपहरण हो गया। जिसको पुलिस ने बाद में बरामद कर लिया। पिता ने बरसाना थाने में बालिका के साथ अपहरण कर दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। किशोरी की बुआ तारावती समेत वीरपाल निवासी मलसराय गोवर्धन तथा जग्गो उर्फ जगदीश निवासी भरतपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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बताया कि अभियुक्तगण बालिका के अपहरण के साथ-साथ घर में रखी नकदी भी ले गए थे। इसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो द्वितीय जहेंद्र पाल सिंह की अदालत में चली। सुनवाई के दौरान अदालत ने तारावती व जगदीश को दोष मुक्त कर दिया गया, जबकि वीरपाल को दोष सिद्ध पाया। अदालत ने वीरपाल को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने वीरपाल को जेल भेज दिया। एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा। जमानत पर मौजूद अभियुक्त को जेल भेजा गया है।
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