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आयकर विभाग कब्जे में लेगा राधारानी ज्वेलर्स के 88 लाख
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 18 Dec 2016 12:14 AM IST
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rupee shimla
कोतवाली के मालखाने में रखे राधारानी ज्वेलर्स के 88 लाख रुपये जांच के लिए आयकर विभाग के सुपुर्द किए जाएंगे। अदालत ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसे अघोषित संपत्ति माना जा रहा है। यह रकम ज्वेलर्स के नौकरों ने ही लूटी थी, जिन्हें पुलिस ने अगले दिन ही गिरफ्तार कर रकम बरामद कर ली थी।
राधारानी ज्वेलर्स के नौकरों ने ही षड्यंत्र रचकर 17 नवंबर की दोपहर को 88 लाख रुपये कृष्णानगर के पास लुटवा दिए थे। पहले तो व्यापारी लूट की वारदात से ही इंकार करते रहे, लेकिन देर रात मुकदमा दर्ज करा दिया गया। पुलिस ने आनन फानन में नौकरों को गिरफ्तार कर यह रकम बरामद कर कोतवाली के मालखाने में जमा करा दी थी।
राधारानी ज्वेलर्स के स्वामी पवन अग्रवाल ने इस रकम को बैंक एकाउंट में जमा कराने की अनुमति के लिए सीजेएम अल्पना शुक्ला की कोर्ट में अर्जी लगाई थी। मामला बड़ी रकम का था लिहाजा आयकर विभाग को भी सूचना दी गई। आयकर विभाग ने इस रकम को अघोषित संपत्ति मानते हुए जांच के लिए सुपुर्दगी में लेने की मांग की। इस पर अदालत ने इस रकम को आयकर विभाग की सुपुर्दगी में देने का आदेश कर दिया है।
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राधारानी ज्वेलर्स के नौकरों ने ही षड्यंत्र रचकर 17 नवंबर की दोपहर को 88 लाख रुपये कृष्णानगर के पास लुटवा दिए थे। पहले तो व्यापारी लूट की वारदात से ही इंकार करते रहे, लेकिन देर रात मुकदमा दर्ज करा दिया गया। पुलिस ने आनन फानन में नौकरों को गिरफ्तार कर यह रकम बरामद कर कोतवाली के मालखाने में जमा करा दी थी।
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राधारानी ज्वेलर्स के स्वामी पवन अग्रवाल ने इस रकम को बैंक एकाउंट में जमा कराने की अनुमति के लिए सीजेएम अल्पना शुक्ला की कोर्ट में अर्जी लगाई थी। मामला बड़ी रकम का था लिहाजा आयकर विभाग को भी सूचना दी गई। आयकर विभाग ने इस रकम को अघोषित संपत्ति मानते हुए जांच के लिए सुपुर्दगी में लेने की मांग की। इस पर अदालत ने इस रकम को आयकर विभाग की सुपुर्दगी में देने का आदेश कर दिया है।
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