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Mathura News: निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों की निगरानी तेज
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मथुरा। प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सक रडार पर हैं। जिले में करीब 250 सरकारी चिकित्सक कार्यरत हैं, जिन पर नजर रखी जा रही है। शासन से निर्देश के अनुसार ओपीडी के बाद भी निजी रूप से अपना प्राइवेट क्लीनिक संचालित करने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले सप्ताह सरकारी अस्पतालों में तैनात सभी चिकित्सकों से प्राइवेट प्रैक्टिस न करने के संबंध में शपथ पत्र मांगा गया है। सभी को शपथ पत्र में लिखकर देना होगा कि वे प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करते हैं और मुख्यालयों पर निवास करते हैं। इसके बाद भी अगर कोई डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर के आदेश दिए गए हैं। प्राइवेट प्रैक्टिस की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ की टीम के साथ प्रशासन और एलआईयू की भी नजर रहेगी।
प्राइवेट प्रैक्टिस से ठगे जा रहे मरीज
सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस के कारण मरीजों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रहीं। दो बजे तक अस्पताल में ओपीडी करने के बाद कई चिकित्सकों की प्राइवेट क्लीनिक सज रही हैं। ऐसे में मरीजों को सही इलाज के चक्कर में डॉक्टरों की निजी क्लीनिकों पर जाना पड़ रहा है। फीस देने के साथ ही मरीजों को बाजार से दवाएं भी खरीदनी पड़ती है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले सप्ताह सरकारी अस्पतालों में तैनात सभी चिकित्सकों से प्राइवेट प्रैक्टिस न करने के संबंध में शपथ पत्र मांगा गया है। सभी को शपथ पत्र में लिखकर देना होगा कि वे प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करते हैं और मुख्यालयों पर निवास करते हैं। इसके बाद भी अगर कोई डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर के आदेश दिए गए हैं। प्राइवेट प्रैक्टिस की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ की टीम के साथ प्रशासन और एलआईयू की भी नजर रहेगी।
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प्राइवेट प्रैक्टिस से ठगे जा रहे मरीज
सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस के कारण मरीजों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रहीं। दो बजे तक अस्पताल में ओपीडी करने के बाद कई चिकित्सकों की प्राइवेट क्लीनिक सज रही हैं। ऐसे में मरीजों को सही इलाज के चक्कर में डॉक्टरों की निजी क्लीनिकों पर जाना पड़ रहा है। फीस देने के साथ ही मरीजों को बाजार से दवाएं भी खरीदनी पड़ती है।
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