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Mathura News: हिस्ट्रीशीटर आरोपी का शस्त्र लाइसेंस जारी होने के मामले में बैठी जांच
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मथुरा। कई मामलों में वांछित आरोपी हिस्ट्रीशीटर का शस्त्र (हथियार) लाइसेंस जारी होने के मामले में डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौंपी गई है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।
बंगाली घाट के निकट कंपूघाट अवागढ़ कॉलोनी निवासी हिमांशु ने बीते दिनों शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। लाइसेंस की हरी झंडी मिलने के बाद उसने एक पिस्टल खरीद ली। मामले में हुई शिकायत पर पुलिस ने दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि हिमांशु के खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसने फर्जी कागजात लगाकर शस्त्र लाइसेंस हासिल किया है।
इस खुलासे के बाद कोतवाल विनोद बाबू मिश्र ने 16 जून को हिमांशु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने भी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। चाहे वह कलेक्ट्रेट का कर्मचारी हो या दस्तावेज सत्यापन करने वाले पुलिसकर्मी हो, किसी को नहीं बख्शा जाएगा।
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बंगाली घाट के निकट कंपूघाट अवागढ़ कॉलोनी निवासी हिमांशु ने बीते दिनों शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। लाइसेंस की हरी झंडी मिलने के बाद उसने एक पिस्टल खरीद ली। मामले में हुई शिकायत पर पुलिस ने दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि हिमांशु के खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसने फर्जी कागजात लगाकर शस्त्र लाइसेंस हासिल किया है।
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इस खुलासे के बाद कोतवाल विनोद बाबू मिश्र ने 16 जून को हिमांशु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने भी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। चाहे वह कलेक्ट्रेट का कर्मचारी हो या दस्तावेज सत्यापन करने वाले पुलिसकर्मी हो, किसी को नहीं बख्शा जाएगा।
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