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Mathura News: सपा-कांग्रेस गठबंधन को ले डूबी भितरघात
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मथुरा। सपा-कांग्रेस गठबंधन में हार को लेकर मंथन शुरू हो गया है। सबकी जुबां पर एक ही बात है कि टिकट को लेकर नाराजगी हार की चौखट को पार कर गई। प्रत्याशी मुकेश धनगर के साथ शुरुआत से ही कांग्रेस संगठन मजबूती के साथ खड़ा नहीं हुआ। सपा के स्थानीय पदाधिकारियों ने भी उत्साह के साथ सहभागिता नहीं की।
दरअसल, कांग्रेस संगठन का एक धड़ा, जो कि संगठन में मजबूत स्थिति में है, वह जाट प्रत्याशी को लड़ाना चाहता था। बॉक्सर बिजेंद्र सिंह के नाम की चर्चा हुई तो यह धड़ा खुश था, लेकिन जैसे ही बिजेंद्र सिंह ने भाजपा का दामन थामा और नये सिरे से प्रत्याशी के चयन की बात उठी तो सादाबाद के एक जाट नेता को यहां लाकर चुनाव लड़ाने की बात चली। वह बात भी नहीं बनी तो राजबब्बर पर चर्चा होने लगी। इसके बाद संगठन के ही एक पदाधिकारी टिकट की चाहत में घूमने लगे। मगर, कांग्रेस आलाकमान ने अचानक से मुकेश धनगर को प्रत्याशी बना दिया। इसको लेकर नाराजगी दिखी और संगठन का कोई बड़ा नेता प्रचार-प्रसार तक में आगे नहीं आया।
मतगणना में भी नहीं पहुंचे संगठन के पदाधिकारी
कांग्रेस में फूट का हाल यह रहा कि मंगलवार को मतगणना के दौरान मंडी परिसर में कोई भी बड़ा पदाधिकारी नहीं पहुंचा। प्रत्याशी मुकेश धनगर नंगे पांव यहां-वहां दौड़ते नजर आए। काउंटिंग एजेंट तक उन्हें धनगर समाज के लोगों को बनाना पड़ा।
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हार का मलाल नहीं है। हर रोज ब्रजवासियों के हक की लड़ाई लड़ूंगा। उनकी सेवा में हाजिर रहूंगा। जहां भी अन्याय होगा, वहां न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी। रही बात चुनाव में संगठन द्वारा असहयोग की तो जिन लोगों ने पार्टी के प्रति गद्दारी की है, उनकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर उन पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।
- मुकेश धनगर, कांग्रेस प्रत्याशी
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दरअसल, कांग्रेस संगठन का एक धड़ा, जो कि संगठन में मजबूत स्थिति में है, वह जाट प्रत्याशी को लड़ाना चाहता था। बॉक्सर बिजेंद्र सिंह के नाम की चर्चा हुई तो यह धड़ा खुश था, लेकिन जैसे ही बिजेंद्र सिंह ने भाजपा का दामन थामा और नये सिरे से प्रत्याशी के चयन की बात उठी तो सादाबाद के एक जाट नेता को यहां लाकर चुनाव लड़ाने की बात चली। वह बात भी नहीं बनी तो राजबब्बर पर चर्चा होने लगी। इसके बाद संगठन के ही एक पदाधिकारी टिकट की चाहत में घूमने लगे। मगर, कांग्रेस आलाकमान ने अचानक से मुकेश धनगर को प्रत्याशी बना दिया। इसको लेकर नाराजगी दिखी और संगठन का कोई बड़ा नेता प्रचार-प्रसार तक में आगे नहीं आया।
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मतगणना में भी नहीं पहुंचे संगठन के पदाधिकारी
कांग्रेस में फूट का हाल यह रहा कि मंगलवार को मतगणना के दौरान मंडी परिसर में कोई भी बड़ा पदाधिकारी नहीं पहुंचा। प्रत्याशी मुकेश धनगर नंगे पांव यहां-वहां दौड़ते नजर आए। काउंटिंग एजेंट तक उन्हें धनगर समाज के लोगों को बनाना पड़ा।
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हार का मलाल नहीं है। हर रोज ब्रजवासियों के हक की लड़ाई लड़ूंगा। उनकी सेवा में हाजिर रहूंगा। जहां भी अन्याय होगा, वहां न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी। रही बात चुनाव में संगठन द्वारा असहयोग की तो जिन लोगों ने पार्टी के प्रति गद्दारी की है, उनकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर उन पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।
- मुकेश धनगर, कांग्रेस प्रत्याशी