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घनी आबादी के बीच सतघड़ा में 12 मकान फटे
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चौबिया पाड़ा के सतघड़ा क्षेत्र में फटे मकान।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। चौबियापाड़ा के मोहल्ला सतघड़ा में टीले पर बने 12 मकान फट गए हैं। इसमें कई मकानों की स्थिति ज्यादा खराब हो गई है। इससे प्रभावित क्षेत्र में लोग दहशत में हैं। महापौर सहित निगम अधिकारी और इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंच गई।
शहर की पुरानी आबादी टीले पर बनी हुई है। इसमें चौबियापाड़ा भी शामिल है, जहां समय-समय पर मकानों के फटने की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। पिछले एक सप्ताह से यही स्थित चौबियापाड़ा के मोहल्ला सतघड़ा में बनी हुई है। यहां पिछले कुछ दिनों के दौरान 12 मकान फटे हैं। कई में तो दरारों में मकानों की हालत ज्यादा खस्ता कर दी है।
इसमें कई मकान पुराने भी हैं। नगर निगम अधिकारियों को इसकी सूचना मिली तो बुधवार को महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु, जोन इंचार्ज संयुक्त नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह, मुख्य अभियंता पीके मित्तल सहित जलकल इंजीनियरों की टीम के साथ बुधवार को मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके मकानों को देखा। लोगों ने लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के स्थानीय समाधान की मांग महापौर से की। इस पर महापौर ने आश्वासन दिया कि इसके भू-वैज्ञानिकों से जांच कराएंगे।
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इनके मकानों में आई दरारें
दीप चतुर्वेदी, सहदेव कृष्ण चतुर्वेदी, पार्षद रामदास चतुर्वेदी, किशोर अग्रवाल, राधा रमन कपड़े वाले, बाबूलाल खंडेलवाल, नृसिंह मंदिर, बल्देव प्रसाद, विष्णु चतुर्वेदी, विष्णु चतुर्वेदी, नंदी चतुर्वेदी आदि।
मकान फटने का कारण निगम की सीवर या पानी की पाइप लाइन नहीं है। टीले पर होने के कारण मकान फट रहे हैं। इसके लिए जल्द ही भूगर्भ वैज्ञानिकों की टीम को बुलाकर जांच कराई जाएगी। फिर भी हम एक दफा पानी की लाइन और सीवर की भी जांच करा रहे हैं।
- अजीत कुमार सिंह, जोन इंचार्ज तथा संयुक्त नगर आयुक्त।
मकान फटने का कारण जर्जर सीवर लाइन तथा क्षतिग्रस्त पानी की पाइप लाइन हैं। निगम अधिकारियों द्वारा उन्हें ठीक कराया जाएगा। साथ ही जो मकान अधिक फट गए हैं उनको उतरवाया जाएगा। इस प्रकार के निर्देश महापौर ने निगम अधिकारियों को दिए हैं।
-रामदास चतुर्वेदी, क्षेत्रीय पार्षद।
पीड़ित बोले, हमारे मकान फट रहे
- हमारे मकान फट गए हैं। यह कैसे फटे हैं इसकी जानकारी नहीं है। हमें लगता है कि मकान फटने का कारण पुरानी सीवर लाइन तथा पानी की पाइप लाइनें हैं। मकान फटने से हमें काफी नुकसान हुआ है।
- दीप चतुर्वेदी
इस क्षेत्र में मकान फटने से लोगों में दहशत है। मकान फटने के बाद वह लोग घरों मेें नहीं रह रहे हैं। निगम के अधिकारियों से शिकायत की है अब शायद कुछ मदद मिल सके। हालांकि निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे।
-बांके गुप्ता
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शहर की पुरानी आबादी टीले पर बनी हुई है। इसमें चौबियापाड़ा भी शामिल है, जहां समय-समय पर मकानों के फटने की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। पिछले एक सप्ताह से यही स्थित चौबियापाड़ा के मोहल्ला सतघड़ा में बनी हुई है। यहां पिछले कुछ दिनों के दौरान 12 मकान फटे हैं। कई में तो दरारों में मकानों की हालत ज्यादा खस्ता कर दी है।
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इसमें कई मकान पुराने भी हैं। नगर निगम अधिकारियों को इसकी सूचना मिली तो बुधवार को महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु, जोन इंचार्ज संयुक्त नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह, मुख्य अभियंता पीके मित्तल सहित जलकल इंजीनियरों की टीम के साथ बुधवार को मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके मकानों को देखा। लोगों ने लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के स्थानीय समाधान की मांग महापौर से की। इस पर महापौर ने आश्वासन दिया कि इसके भू-वैज्ञानिकों से जांच कराएंगे।
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इनके मकानों में आई दरारें
दीप चतुर्वेदी, सहदेव कृष्ण चतुर्वेदी, पार्षद रामदास चतुर्वेदी, किशोर अग्रवाल, राधा रमन कपड़े वाले, बाबूलाल खंडेलवाल, नृसिंह मंदिर, बल्देव प्रसाद, विष्णु चतुर्वेदी, विष्णु चतुर्वेदी, नंदी चतुर्वेदी आदि।
मकान फटने का कारण निगम की सीवर या पानी की पाइप लाइन नहीं है। टीले पर होने के कारण मकान फट रहे हैं। इसके लिए जल्द ही भूगर्भ वैज्ञानिकों की टीम को बुलाकर जांच कराई जाएगी। फिर भी हम एक दफा पानी की लाइन और सीवर की भी जांच करा रहे हैं।
- अजीत कुमार सिंह, जोन इंचार्ज तथा संयुक्त नगर आयुक्त।
मकान फटने का कारण जर्जर सीवर लाइन तथा क्षतिग्रस्त पानी की पाइप लाइन हैं। निगम अधिकारियों द्वारा उन्हें ठीक कराया जाएगा। साथ ही जो मकान अधिक फट गए हैं उनको उतरवाया जाएगा। इस प्रकार के निर्देश महापौर ने निगम अधिकारियों को दिए हैं।
-रामदास चतुर्वेदी, क्षेत्रीय पार्षद।
पीड़ित बोले, हमारे मकान फट रहे
- हमारे मकान फट गए हैं। यह कैसे फटे हैं इसकी जानकारी नहीं है। हमें लगता है कि मकान फटने का कारण पुरानी सीवर लाइन तथा पानी की पाइप लाइनें हैं। मकान फटने से हमें काफी नुकसान हुआ है।
- दीप चतुर्वेदी
इस क्षेत्र में मकान फटने से लोगों में दहशत है। मकान फटने के बाद वह लोग घरों मेें नहीं रह रहे हैं। निगम के अधिकारियों से शिकायत की है अब शायद कुछ मदद मिल सके। हालांकि निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे।
-बांके गुप्ता