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Mathura: बारिश और बाढ़ का प्रकोप...12वीं तक के स्कूल दो दिन रहेंगे बंद, डीएम ने जारी किया आदेश

Fri, 05 Sep 2025 09:37 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अरुन पाराशर Updated Fri, 05 Sep 2025 09:37 PM IST
सार

मथुरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलभराव के चलते कई गांवों में हालात बेकाबू हो गए हैं। भारी बारिश और बाढ़ के हालात को देखते हुए एहतियातन प्रशासन की ओर से छह सितंबर को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। सात सितंबर को रविवार के चलते स्कूल बंद रहेंगे।

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Holiday declared in schools due to rain and flood in Mathura
मथुरा में बाढ़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मथुरा में यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में कई गांवों के स्कूलों में पानी भर गया है। स्कूलों में जाने को रास्ता नहीं है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के निर्देश पर जिले के सभी स्कूलों में 6 सितंबर को अवकाश घोषित कर दिया गया है। 
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डीआईओएस रवींद्र सिंह ने बताया कि कक्षा एक से 12 तक संचालित सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालय बंद रहेंगे। डीआईओएस ने स्पष्ट किया कि यह आदेश जिले के सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। अवकाश के दौरान किसी भी प्रकार की शैक्षणिक, सांस्कृतिक या प्रशासनिक गतिविधि आयोजित नहीं की जाएगी। 
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सात सितंबर को रविवार है। यानी स्कूल दो दिन बंद रहेंगे। अब स्कूल सोमवार को ही खुलेंगे। विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदेश का पालन सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
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यमुना में बढ़ने लगा पानी
हथिनीकुंड बांध से छोड़े गए अथाह पानी से मथुरा में बाढ़ के हालात विकराल हो रहे हैं। शुक्रवार को मथुरा-वृंदावन में पानी ने दस्तक दी तो कई और कॉलोनियों में चार-चार फीट तक पानी भर गया। साथ ही करीब एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। 

प्रशासन की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक 2400 बाढ़ प्रभावितों को राहत शिविरों में शरण दी गई है। प्रशासन ने यमुना के जलस्तर को लेकर शनिवार को हाई अलर्ट जारी किया है व लोगों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र छोड़ने की अपील की है। हालांकि तीन दिन बाद हालात काबू में आने की संभावना जताई जा रही है।

 

वर्तमान में जिले के नौहझील, मांट, शेरगढ़, छाता और यमुना से सटे अन्य 13 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ने इन गांव के लोगों को विभिन्न राहत शिविरों में शरण दी है। इन्हीं क्षेत्रों के कुछ गांव ऐसे भी हैं, जहां शनिवार को पानी घुसने की आशंका जताई जा रही है। मथुरा-वृंदावन यमुना खादर का भी यही हाल है। 

लगातार जलस्तर बढ़ने से खादर में गणेशधाम की कई और कॉलोनियों में शुक्रवार सुबह चार-चार फीट तक पानी भर गया, वहीं कई कॉलोनियों ऐसी हैं, जिनमें धीरे-धीरे जा रहा है। बीते दिनों हथिनीकुंड से 3.29 लाख क्यूसेक छोड़े गए पानी ने शुक्रवार से मथुरा में दस्तक देना शुरू कर दिया। इसके बाद बाढ़ के हालात और विकराल हो रहे हैं।

 

बीते 24 घंटे में यमुना का जलस्तर 166.56 मीटर से बढ़कर 166.86 मीटर दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा खतरे के निशान 166 मीटर से 86 सेमी अधिक है। सिंचाई विभाग अपर खंड एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम चार बजे हथिनीकुंड से 54391 क्यूसेक और ओखला से 2.31 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जबकि गोकुल बैराज से 1.24 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हथिनीकुंड से कम मात्रा में पानी छोड़ा गया है। रविवार के बाद लगातार जलस्तर घटेगा।

 

आला अधिकारियों ने शरणार्थियों का जाना हाल
शुक्रवार को मंडलायुक्त शैलेंद्र सिंह, डीएम चंद्रप्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने बिरला गीता धर्मशाला राहत शिविर में शरणार्थियों का हाल जाना। साथ ही उनको खाना खिलाया। वहीं विधायक श्रीकांत शर्मा और क्षेत्रीय पार्षद राकेश भाटिया ने भी जयसिंहपुरा में बाढ़ की स्थिति देखी और लोगों को भोजन वितरण किया। इधर, एडीएम एफआर डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार टीमें क्रियाशील हैं। विभिन्न क्षेत्रों में 31 गोताखोर, फ्लड पीएसी की एक टीम, एसडीआरएफ की एक टीम और प्रशासन की कई टीमें राहत और बचाव कर्य में जुटी हैं।

 

ब्लॉक प्रमुख ने सुनीं बाढ़ पीड़ितों की समस्या
बलदेव के अकोस क्षेत्र गांव नगला हगा, नगला नहचला में यमुना में बढ़ते जलस्तर से ग्रामीण चिंतित हैं। सड़क मार्ग अवरुद्ध होने से ग्रामीण स्टीमर से आवागमन कर रहे हैं। ब्लॉक प्रमुख प्रतीक सिंह भरंगर ने दोनों का गांवों भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। प्रतीक भरंगर ने बताया किसानों की फसल बर्बाद हो गई हैं। फसल का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाया जाएगा। प्रधान अजयपाल सिंह ने बताया कि मजदूर परेशान हैं। बच्चों की पढ़ाई बंद है। इस दौरान रामवीर चौधरी, गुडु सिंह, महेंद्र सिंह, दीपू गौतम, यश गौतम, दलवीर बाबा, ओमप्रकाश सिंह, कमल सिंह, कैलाशी, हरपाल सिंह आदि मौजूद रहे। 
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