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होरी आई रे श्याम, मेरी सुधि लीजौ...
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द्वारिकाधीश मंदिर में ढप बजाते और होली के रसिया गाते चुन्नीलाल और उनके सहयोगी।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। द्वारिकाधीश मंदिर में चल रही होली महोत्सव में होली गीत और रसिया हो रहे हैं। इन होली के रसियाओं पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया और ठाकुर जी को गुलाल लगाकर होली खेली।
द्वारिकाधीश मंदिर में होली महोत्सव मनाया जा रहा है। इसमें ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के संरक्षक चुन्नीलाल चतुर्वेदी और मंत्री छोटेलाल आदि ने रसिया गायन किया। इसमें ढप बाजौ रे छैल मतवारे कौ, ढप बाजौ रे, ढप की गरज सुनि सब ब्रज हाल्यौ, ढप बाजौ रे... आदि रसियाओं को प्रस्तुत किया। होरी आई रे श्याम, मेरी सुधि लीजौ, होरी आई रे, में हूं सास ननद के बस में, मेरी गलियन के चक्कर दी जौ, होरी आई रे श्याम मेरी सुधि लीजौ प्रस्तुत किया। रसिया गायन के दौरान सुबह 10 से 11 बजे तक श्रद्धालुओं ने जमकर होली का आनंद लिया और ठाकुर जी को अर्पित गुलाल लगाकर पुण्य कमाया। इस दौरान द्वारिकाधीश के जयकारे लगाए।
विश्व प्रसिद्ध मंदिर ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि यह गायन बहुत ही लोकप्रिय और आनंददाई है। इस रसिया गायन में देश-विदेश से आए तीर्थयात्री और श्रद्धालु आनंद ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि होलिकाष्टक प्रारंभ होने के बाद शुद्ध टेसू के फूल के रंगों से ठाकुर द्वारिकाधीश महाराज होली खेलेंगे। इसी क्रम में रंग भरनी एकादशी के दिन ठाकुर जी कुंज में विराजमान होकर भक्तों संग होली खेलेंगे और त्रयोदशी के दिन बगीचा में विराजमान होकर होली खेलेंगे और यह क्रम निरंतर डोल महोत्सव तक जारी रहेगा।
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द्वारिकाधीश मंदिर में होली महोत्सव मनाया जा रहा है। इसमें ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के संरक्षक चुन्नीलाल चतुर्वेदी और मंत्री छोटेलाल आदि ने रसिया गायन किया। इसमें ढप बाजौ रे छैल मतवारे कौ, ढप बाजौ रे, ढप की गरज सुनि सब ब्रज हाल्यौ, ढप बाजौ रे... आदि रसियाओं को प्रस्तुत किया। होरी आई रे श्याम, मेरी सुधि लीजौ, होरी आई रे, में हूं सास ननद के बस में, मेरी गलियन के चक्कर दी जौ, होरी आई रे श्याम मेरी सुधि लीजौ प्रस्तुत किया। रसिया गायन के दौरान सुबह 10 से 11 बजे तक श्रद्धालुओं ने जमकर होली का आनंद लिया और ठाकुर जी को अर्पित गुलाल लगाकर पुण्य कमाया। इस दौरान द्वारिकाधीश के जयकारे लगाए।
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विश्व प्रसिद्ध मंदिर ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि यह गायन बहुत ही लोकप्रिय और आनंददाई है। इस रसिया गायन में देश-विदेश से आए तीर्थयात्री और श्रद्धालु आनंद ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि होलिकाष्टक प्रारंभ होने के बाद शुद्ध टेसू के फूल के रंगों से ठाकुर द्वारिकाधीश महाराज होली खेलेंगे। इसी क्रम में रंग भरनी एकादशी के दिन ठाकुर जी कुंज में विराजमान होकर भक्तों संग होली खेलेंगे और त्रयोदशी के दिन बगीचा में विराजमान होकर होली खेलेंगे और यह क्रम निरंतर डोल महोत्सव तक जारी रहेगा।
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