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भगवान कृष्ण की लीलाएं भक्त को देती हैं सदजीवन की सीख: ललित कुमार
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वृंदावन(मथुरा)। छटीकरा मार्ग स्थित यशोदानंदन धाम मंदिर के 12वें वार्षिक समारोह में श्रीमद् भागवत कथा आयोजित की जा रही है। इसमें रविवार को कथा में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया। शाम को भजन संध्या में भक्तों ने भक्ति रस का आनंद लिया।
व्यासपीठ से कथा का रसपान कराते हुए ललित कुमार व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण 16 कलाओं के अवतार थे। उन्होंने ब्रज मंडल में कंस के द्वारा किए जा रहे अत्याचारों का नाश करने के लिए पृथ्वी पर जन्म लिया। भगवान कृष्ण की लीलाएं भक्तों को सदमार्ग पर ले जाने का संदेश देती हैं। इसीलिए भागवत कथा के श्रवण और उसे अपने जीवन में उतारने से जीव का कल्याण निश्चित है।
महापुराण श्रीमद् भागवत में भगवान कृष्ण की प्रत्येक लीला में जीवन जीने की कला निहित है। जीवन को सफल बनाने के लिए महापुराण का श्रवण आवश्यक है। इस अवसर पर आचार्य चतुर्भुज रामानुजम, भावना रामानुजम, बीपी गोयल, बसंत कुमार, रामकरन पाण्डेय, राहुल गुलाटी आदि उपस्थित रहे।
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व्यासपीठ से कथा का रसपान कराते हुए ललित कुमार व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण 16 कलाओं के अवतार थे। उन्होंने ब्रज मंडल में कंस के द्वारा किए जा रहे अत्याचारों का नाश करने के लिए पृथ्वी पर जन्म लिया। भगवान कृष्ण की लीलाएं भक्तों को सदमार्ग पर ले जाने का संदेश देती हैं। इसीलिए भागवत कथा के श्रवण और उसे अपने जीवन में उतारने से जीव का कल्याण निश्चित है।
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महापुराण श्रीमद् भागवत में भगवान कृष्ण की प्रत्येक लीला में जीवन जीने की कला निहित है। जीवन को सफल बनाने के लिए महापुराण का श्रवण आवश्यक है। इस अवसर पर आचार्य चतुर्भुज रामानुजम, भावना रामानुजम, बीपी गोयल, बसंत कुमार, रामकरन पाण्डेय, राहुल गुलाटी आदि उपस्थित रहे।
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