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अनाज के थोक व्यापारी-कमीशन एजेंट भिड़े, मंडी बंद
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मथुरा। अनाज मंडी के थोक व्यापारी और कमीशन एजेंट के भिड़ने के कारण मंडी बंद हो गई। थोक व्यापारियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। सभी थोक व्यापारी मथुरा से हरिद्वार चले गए हैं। दो दिन से मंडी को बंद होते देख मंडी सचिव ने थोक व्यापारियों से बातचीत की। उन्हें उम्मीद है जल्द ही थोक व्यापारी मंडी खोलेंगे। उधर, मंडी बंद होने से कमीशन एजेंट के पास हजारों क्विंटल किसानों को अनाज मंडी में जमा हो गया है।
अनाज मंडी में करीब २२ अनाज के थोक व्यापारी (खरीदार) हैं। इनको करीब ५०० कमीशन एजेंट किसानों से माल लेकर बेचते हैं। कमीशन एजेंट का थोक व्यापारियों से रेट को लेकर आपसी खींचतान चलती रहती है। रविवार को एक थोक व्यापारी का कमीशन एजेंट के साथ विवाद हो गया। आपस में मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस मारपीट के बाद थोक व्यापारियों ने हड़ताल कर दी। वह एकजुट होकर मथुरा से हरिद्वार चले गए।
उनके हरिद्वार जाने से मंडी में अनाज की खरीद रुक गई। किसान अनाज मंडी में आकर लौटने लगे। कमीशन एजेंट पर किसानों को दबाव बढ़ गया, वह परेशान हो गए। अनाज मंडी के बंद होने जानकारी मंडी सचिव राजेंद्र सिंह को हुई। उन्होंने थोक व्यापारियों से बातचीत की, लेकिन दो दिन होने के बाद भी मंडी के अनाज के थोक व्यापारी हरिद्वार से नहीं लौटे। सचिव ने बताया कि उन्होंने थोक व्यापारियों से बातचीत की है।
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हो सकती है कार्रवाई
आपसी विवाद के कारण किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। आपसी विवाद की सूचना थोक व्यापारियों ने मंडी सचिव तक को नहीं दी और सीधे हड़ताल पर चले गए। मंडी सचिव ने बताया कि यह एक सार्वजनिक उपक्रम है और यहां पर यदि कोई हड़ताल भी करनी थी तो उन्हें इसकी सूचना अवश्य देनी चाहिए थी।
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अनाज मंडी में करीब २२ अनाज के थोक व्यापारी (खरीदार) हैं। इनको करीब ५०० कमीशन एजेंट किसानों से माल लेकर बेचते हैं। कमीशन एजेंट का थोक व्यापारियों से रेट को लेकर आपसी खींचतान चलती रहती है। रविवार को एक थोक व्यापारी का कमीशन एजेंट के साथ विवाद हो गया। आपस में मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस मारपीट के बाद थोक व्यापारियों ने हड़ताल कर दी। वह एकजुट होकर मथुरा से हरिद्वार चले गए।
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उनके हरिद्वार जाने से मंडी में अनाज की खरीद रुक गई। किसान अनाज मंडी में आकर लौटने लगे। कमीशन एजेंट पर किसानों को दबाव बढ़ गया, वह परेशान हो गए। अनाज मंडी के बंद होने जानकारी मंडी सचिव राजेंद्र सिंह को हुई। उन्होंने थोक व्यापारियों से बातचीत की, लेकिन दो दिन होने के बाद भी मंडी के अनाज के थोक व्यापारी हरिद्वार से नहीं लौटे। सचिव ने बताया कि उन्होंने थोक व्यापारियों से बातचीत की है।
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आपसी विवाद के कारण किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। आपसी विवाद की सूचना थोक व्यापारियों ने मंडी सचिव तक को नहीं दी और सीधे हड़ताल पर चले गए। मंडी सचिव ने बताया कि यह एक सार्वजनिक उपक्रम है और यहां पर यदि कोई हड़ताल भी करनी थी तो उन्हें इसकी सूचना अवश्य देनी चाहिए थी।