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सरकारी विभाग और संस्थाएं मिलकर दूर करें विभावृत्ति की समस्या
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मथुरा। राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने कलक्ट्रेट सभागार में सभी मंदिर प्रबंधक/अधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने मंदिर के प्रबंधकों से भिक्षा मांगने वाले बच्चों के प्रति सुझाव मांगे। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने अपना सुझाव दिया कि सभी विभाग एवं संस्थाएं समन्वय कर इस समस्या को दूर करने में अपनी सहभागिता कर समस्या का समाधान निकाल सकती हैं।
उन्होंने कहा कि भिक्षा मांगने वाले बच्चों को अभियान चलाकर शिक्षा दें और उनके अभिभावकों को समझाने का प्रयास करें कि बच्चों से भिक्षा न मंगवायी जाये। गरीब बच्चे व उनके परिवारजनों का ख्याल रखा जाये। उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, भरण पोषण, रहने के लिए आवास जैसी सुविधायें दी जायें। सुझाव पर आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि आगामी कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के दृष्टिगत भिक्षा मांगने वाले बच्चों का प्लान तैयार कर उन्हें सुरक्षित रखने के इंतजाम कर लिए जायें, ताकि किसी बच्चे को कोई हानि न हो।
श्रद्धालुओं को अपने आप में बदलाव लाना चाहिए। उन्हें भिक्षा में पैसे न देकर भिक्षुओं को किताब, खाने का सामान, शिक्षा से संबंधित सामग्री, गोद ले लें, जिससे जरूरतमंदों को एक नया जीवन मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन भिक्षुओं को उनके परिवार वाले उनसे जबरदस्ती भिक्षा मंगवाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करें। स्वयंसेवी संस्थायें और संबंधित विभाग मिलकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें और भिक्षा मांगने के खिलाफ हार्डिंग्स, बैनर, एलईडी एवं पीए सिस्टम से जागरूक करते रहें।
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योजना को सफल बनाने के लिए दो प्रकार के टास्क फोर्स का गठन किया जाये। जो बच्चा नशे के आदि हैं उन्हें नशामुक्ती केंद्र ले जाकर इलाज करायें। बैठक में सीडीओ डॉ. नितिन गौड़, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिनव मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर निकेत वर्मा, समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता, बीएसए राजेश कुमार आदि थे।
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उन्होंने कहा कि भिक्षा मांगने वाले बच्चों को अभियान चलाकर शिक्षा दें और उनके अभिभावकों को समझाने का प्रयास करें कि बच्चों से भिक्षा न मंगवायी जाये। गरीब बच्चे व उनके परिवारजनों का ख्याल रखा जाये। उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, भरण पोषण, रहने के लिए आवास जैसी सुविधायें दी जायें। सुझाव पर आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि आगामी कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के दृष्टिगत भिक्षा मांगने वाले बच्चों का प्लान तैयार कर उन्हें सुरक्षित रखने के इंतजाम कर लिए जायें, ताकि किसी बच्चे को कोई हानि न हो।
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श्रद्धालुओं को अपने आप में बदलाव लाना चाहिए। उन्हें भिक्षा में पैसे न देकर भिक्षुओं को किताब, खाने का सामान, शिक्षा से संबंधित सामग्री, गोद ले लें, जिससे जरूरतमंदों को एक नया जीवन मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन भिक्षुओं को उनके परिवार वाले उनसे जबरदस्ती भिक्षा मंगवाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करें। स्वयंसेवी संस्थायें और संबंधित विभाग मिलकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें और भिक्षा मांगने के खिलाफ हार्डिंग्स, बैनर, एलईडी एवं पीए सिस्टम से जागरूक करते रहें।
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योजना को सफल बनाने के लिए दो प्रकार के टास्क फोर्स का गठन किया जाये। जो बच्चा नशे के आदि हैं उन्हें नशामुक्ती केंद्र ले जाकर इलाज करायें। बैठक में सीडीओ डॉ. नितिन गौड़, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिनव मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर निकेत वर्मा, समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता, बीएसए राजेश कुमार आदि थे।