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गोवर्धन पूजा 2025: ब्रज में उमड़ा आस्था का सैलाब, गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर हरिनाम संकीर्तन की गूंज
Wed, 22 Oct 2025 02:33 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 22 Oct 2025 02:33 PM IST
सार
दिवाली के बाद बुधवार को मथुरा के मंदिरों व घरों में गोवर्धन पूजा व अन्नकूट महोत्सव की धूम है। गोवर्धन की गिरिराज तलहटी में सुबह से ही आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर हरिनाम संकीर्तन, राधे-राधे के जयकारे गूंज रहे हैं।
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गोवर्धन परिक्रमा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मथुरा की रज-रज में कृष्ण भक्ति है। यहां जो भी आता है कृष्ण भक्ति में लीन हो जाता है। यही श्रद्धा भाव गोवर्धन पूजा व अन्नकूट महोत्सव में देखने को मिल रहा है, जिसमें देशभर से ही नहीं, विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त अन्नकूट महोत्सव में शामिल होने आए हैं।
लाखों श्रद्धालु भक्त गिरिराज पर्वत की परिक्रमा और पूजा-अर्चना को मंदिरों में आस्था के दीप जले और अन्नकूट भोग लगाकर मनोती मांगी। बुधवार को गोवर्धन पूजा पर भक्ति और श्रद्धा का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी को अभिभूत कर दिया। सुबह से ही परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों की गूंज, हरे कृष्णा-हरे राम के मंत्रों की ध्वनि और फूलों से सजे झांकियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में गिरिराज महाराज की जयकारों के साथ परिक्रमा करते नजर आए। इस अवसर पर इस्कॉन मंदिर के संतों ने विशेष रूप से गिरिराज महाराज को समर्पित छप्पन भोग की परंपरा निभाई। संतों ने अपने सिर पर छप्पन प्रकार के व्यंजन उठाकर गिरिराज जी को अर्पित किए। यह दृश्य देखने लायक था, जिसमें भक्ति, समर्पण और भावनाओं का अद्वितीय संगम देखने को मिला। गोवर्धन पूजा का महत्व श्रीकृष्ण की उस लीला से जुड़ा है, जब उन्होंने इंद्र देव के घमंड का दमन करते हुए ब्रजवासियों को मूसलधार वर्षा से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठा लिया था। तब से लेकर आज तक यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है और गिरिराज जी की पूजा कर परिक्रमा की जाती है।
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यहां स्थानीय प्रशासन द्वारा भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस, होमगार्ड, स्वयंसेवकों और स्वास्थ्य सेवाओं की तैनाती से श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। धार्मिक आयोजनों, भंडारों और कीर्तन मंडलियों ने इस पर्व को और भी भव्यता प्रदान की। भक्तों ने एक स्वर में कहा कि गिरिराज जी की कृपा से ही जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।
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लाखों श्रद्धालु भक्त गिरिराज पर्वत की परिक्रमा और पूजा-अर्चना को मंदिरों में आस्था के दीप जले और अन्नकूट भोग लगाकर मनोती मांगी। बुधवार को गोवर्धन पूजा पर भक्ति और श्रद्धा का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी को अभिभूत कर दिया। सुबह से ही परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों की गूंज, हरे कृष्णा-हरे राम के मंत्रों की ध्वनि और फूलों से सजे झांकियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
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श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में गिरिराज महाराज की जयकारों के साथ परिक्रमा करते नजर आए। इस अवसर पर इस्कॉन मंदिर के संतों ने विशेष रूप से गिरिराज महाराज को समर्पित छप्पन भोग की परंपरा निभाई। संतों ने अपने सिर पर छप्पन प्रकार के व्यंजन उठाकर गिरिराज जी को अर्पित किए। यह दृश्य देखने लायक था, जिसमें भक्ति, समर्पण और भावनाओं का अद्वितीय संगम देखने को मिला। गोवर्धन पूजा का महत्व श्रीकृष्ण की उस लीला से जुड़ा है, जब उन्होंने इंद्र देव के घमंड का दमन करते हुए ब्रजवासियों को मूसलधार वर्षा से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठा लिया था। तब से लेकर आज तक यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है और गिरिराज जी की पूजा कर परिक्रमा की जाती है।
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यहां स्थानीय प्रशासन द्वारा भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस, होमगार्ड, स्वयंसेवकों और स्वास्थ्य सेवाओं की तैनाती से श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। धार्मिक आयोजनों, भंडारों और कीर्तन मंडलियों ने इस पर्व को और भी भव्यता प्रदान की। भक्तों ने एक स्वर में कहा कि गिरिराज जी की कृपा से ही जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।
डीएम-एसएसपी ने किया निरीक्षण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीएम और एसएसपी ने किया निरीक्षण
गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार गोवर्धन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दानघाटी मंदिर और जतीपुरा स्थित मुखारबिंद मंदिर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी और एसएसपी ने कहा कि गोवर्धन पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और तैयार है।
गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार गोवर्धन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दानघाटी मंदिर और जतीपुरा स्थित मुखारबिंद मंदिर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी और एसएसपी ने कहा कि गोवर्धन पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और तैयार है।