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सुधीर, विनीता की पढ़ाई का खर्च वहन करेगा जीएलए
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 07 Jul 2015 11:49 PM IST
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एक गरीब किसान के बेटा सुधीर और बेटी विनीता ने आईआईटी में प्रवेश के लिए परीक्षा पास की तो पूरे गांव में खुशियां छा गईं। जनपद भी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा था, लेकिन किसान के घर में चिंताओं की लहर थी।
बच्चों की पढ़ाई के लिए अपने पुरखों की जमीन बेचने वाले पिता कालीचरण कालेज की कन्फर्मेशन फीस के बारे में सोच कर रात कटी। मगर, सुबह का उजाला इस परिवार के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया।
मेधावी बच्चों के पिता कालीचरण के दर्द को अमर उजाला ने 7 जुलाई के अंक में ‘पिता ने पुरखों की जमीन बेची, बच्चों ने पूरा किया सपना’ शीर्षक से प्रकाशित किया। सुबह जब जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बच्चों की लगन और पिता के जज्बे की अमर उजाला में प्रकाशित दास्तां को पढ़ा तो मदद का निर्णय कर लिया।
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डीएम ने मांट के तहसील दिवस में सुधीर और विनीता को बुलाकर सम्मानित किया। इसके बाद मदद के लिए जीएलए विश्वविद्यालय प्रबंधन से चर्चा की। बच्चों की प्रतिभा को देख जीएलए विवि के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने दोनों छात्रों को गोद लेने का निर्णय ले लिया।
विवि के सोसाइटी सेक्रेटरी नीरज अग्रवाल ने डीएम आवास पहुंचे। यहां उन्होंने दोनों छात्रों को एक लाख रुपये का चेक देकर पूरे चार साल पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने का वादा किया।
आज सीएम थपथपाएंगे पीठ
नौहझील के गांव जटपुरा निवासी कालीचरण, उनके मेधावी बेटे सुधीर और बेटी विनीता को बुधवार को लखनऊ बुलाया गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन दोनों मेधावी छात्रों की पीठ थपथपाएंगे।
आईआईटी रुड़की में मिला प्रवेश
छात्र सुधीर ने बताया कि च्वॉइस लॉक के बाद उन्हें और उनकी बहन विनीता को आईआईटी रुड़की में प्रवेश मिल गया है। सुधीर को पॉलीमर साइंस ब्रांच मिली है तो विनीता सिविल इंजीनियरिंग करेंगी। अमर उजाला के साथ मन की बात करते हुए सुधीर ने बताया उनका मकसद कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करने का है।
कालेज में प्रथम सेमेस्टर की परफारमेंस के बाद ब्रांच बदलने का अवसर मिलता है। अब वो और उनकी बहिन जीतोड़ मेहनत करेंगे, ताकि मनचाही ब्रांच में पढ़ाई कर सकें।
किसान कालीचरण अभिभावकों के लिए आदर्श हैं। उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया। अब बच्चों का दायित्व है कि वो अपने पिता, जिले का नाम रोशन करें।
राजेश कुमार
जिलाधिकारी, मथुरा
जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बच्चों की प्रतिभा के बारे में बताया तो जीएलए के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने निर्णय कर लिया कि बच्चों की शिक्षा का भार जीएलए विश्वविद्यालय उठाएगा। इस पहल केे लिए डीएम बधाई के पात्र हैं।
नीरज अग्रवाल
सोसाइटी सेक्रेटरी, जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा
अमर उजाला का कोटि-कोटि आभार
डीएम आवास पर पिता कालीचरण ने अमर उजाला की पहल की जमकर सराहना की। बच्चों की सफलता से प्रसन्न पिता ने अमर उजाला का कोटि-कोटि आभार जताया।
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बच्चों की पढ़ाई के लिए अपने पुरखों की जमीन बेचने वाले पिता कालीचरण कालेज की कन्फर्मेशन फीस के बारे में सोच कर रात कटी। मगर, सुबह का उजाला इस परिवार के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया।
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मेधावी बच्चों के पिता कालीचरण के दर्द को अमर उजाला ने 7 जुलाई के अंक में ‘पिता ने पुरखों की जमीन बेची, बच्चों ने पूरा किया सपना’ शीर्षक से प्रकाशित किया। सुबह जब जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बच्चों की लगन और पिता के जज्बे की अमर उजाला में प्रकाशित दास्तां को पढ़ा तो मदद का निर्णय कर लिया।
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डीएम ने मांट के तहसील दिवस में सुधीर और विनीता को बुलाकर सम्मानित किया। इसके बाद मदद के लिए जीएलए विश्वविद्यालय प्रबंधन से चर्चा की। बच्चों की प्रतिभा को देख जीएलए विवि के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने दोनों छात्रों को गोद लेने का निर्णय ले लिया।
विवि के सोसाइटी सेक्रेटरी नीरज अग्रवाल ने डीएम आवास पहुंचे। यहां उन्होंने दोनों छात्रों को एक लाख रुपये का चेक देकर पूरे चार साल पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने का वादा किया।
आज सीएम थपथपाएंगे पीठ
नौहझील के गांव जटपुरा निवासी कालीचरण, उनके मेधावी बेटे सुधीर और बेटी विनीता को बुधवार को लखनऊ बुलाया गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन दोनों मेधावी छात्रों की पीठ थपथपाएंगे।
आईआईटी रुड़की में मिला प्रवेश
छात्र सुधीर ने बताया कि च्वॉइस लॉक के बाद उन्हें और उनकी बहन विनीता को आईआईटी रुड़की में प्रवेश मिल गया है। सुधीर को पॉलीमर साइंस ब्रांच मिली है तो विनीता सिविल इंजीनियरिंग करेंगी। अमर उजाला के साथ मन की बात करते हुए सुधीर ने बताया उनका मकसद कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करने का है।
कालेज में प्रथम सेमेस्टर की परफारमेंस के बाद ब्रांच बदलने का अवसर मिलता है। अब वो और उनकी बहिन जीतोड़ मेहनत करेंगे, ताकि मनचाही ब्रांच में पढ़ाई कर सकें।
किसान कालीचरण अभिभावकों के लिए आदर्श हैं। उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया। अब बच्चों का दायित्व है कि वो अपने पिता, जिले का नाम रोशन करें।
राजेश कुमार
जिलाधिकारी, मथुरा
जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बच्चों की प्रतिभा के बारे में बताया तो जीएलए के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने निर्णय कर लिया कि बच्चों की शिक्षा का भार जीएलए विश्वविद्यालय उठाएगा। इस पहल केे लिए डीएम बधाई के पात्र हैं।
नीरज अग्रवाल
सोसाइटी सेक्रेटरी, जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा
अमर उजाला का कोटि-कोटि आभार
डीएम आवास पर पिता कालीचरण ने अमर उजाला की पहल की जमकर सराहना की। बच्चों की सफलता से प्रसन्न पिता ने अमर उजाला का कोटि-कोटि आभार जताया।