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मथुरा: गंगा दशहरा पर कालिंदी को भूले अफसर
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गंगा दशहरा से विश्राम घाट पर यमुना में तैरता मरे हुए स्वान का शव।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। इसे कोरोना का प्रभाव मानें या फिर सरकारी नुमाइंदों की लापरवाही। गंगा दशहरा पर यमुना की हालत स्नान तो दूर आचमन करने योग्य भी नहीं है। धार्मिक महत्व की दृष्टि से अहम कहे जाने वाले विश्राम घाट पर यमुना कीचड़ युक्त पानी से लबालब है। जल कुंभी तैर रही है। मरे हुए जानवरों को शव भी दिखाई दे रहे हैं। गंगा दशहरा की पूर्व संध्या पर यमुना की इस हालत के लिए जिम्मेदार सरकारी नुमाइंदे पूरी तरह से नदारद हैं।
प्रतिवर्ष गंगा दशहरा पर पानी छुड़वाने के लिए यमुना भक्त एक माह पहले से शोर मचाना प्रारंभ कर देते थे। डीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इसकी व्यवस्थाओं को लेकर कई-कई दौर की बैठकें की जाती थीं। नगर निगम द्वारा भी यमुना के घाटों से लेकर अंदर तक की सफाई का जिम्मा लिया जाता था।
सरकार के नुमाइंदे भी इस तंत्र में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर पीठ थपथपाते थे, लेकिन लॉकडाउन के दौरान गंगा दशहरा के लिए न तो निगम द्वारा अपेक्षित साफ-सफाई कराई गई। यहां तक निगम द्वारा गंदे नालों को भी यमुना में गिरने से रोकने का काम भी नहीं किया गया। नमामि गंगे के कर्मचारियों द्वारा केवल घाटों की हल्की-फुल्की साफ सफाई करके अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया है।
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गंदे नाले गिर रहे यमुना में
यमुना में एक नहीं कई नाले सीधे गिर रहे हैं। इससे यमुना जल में गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार को यमुना में स्वामी घाट तथा अन्य नाले भी गिरते रहे।
हमने कुछ दिन पहले गंदगी साफ कराई थी। अब और करा रहे हैं, लेकिन गंदी सिल्ट हटाने का काम सिंचाई विभाग का है।
- रविंद्र कुमार मांदड़, नगर आयुक्त, नगर निगम मथुरा-वृंदावन
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प्रतिवर्ष गंगा दशहरा पर पानी छुड़वाने के लिए यमुना भक्त एक माह पहले से शोर मचाना प्रारंभ कर देते थे। डीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इसकी व्यवस्थाओं को लेकर कई-कई दौर की बैठकें की जाती थीं। नगर निगम द्वारा भी यमुना के घाटों से लेकर अंदर तक की सफाई का जिम्मा लिया जाता था।
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सरकार के नुमाइंदे भी इस तंत्र में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर पीठ थपथपाते थे, लेकिन लॉकडाउन के दौरान गंगा दशहरा के लिए न तो निगम द्वारा अपेक्षित साफ-सफाई कराई गई। यहां तक निगम द्वारा गंदे नालों को भी यमुना में गिरने से रोकने का काम भी नहीं किया गया। नमामि गंगे के कर्मचारियों द्वारा केवल घाटों की हल्की-फुल्की साफ सफाई करके अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया है।
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गंदे नाले गिर रहे यमुना में
यमुना में एक नहीं कई नाले सीधे गिर रहे हैं। इससे यमुना जल में गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार को यमुना में स्वामी घाट तथा अन्य नाले भी गिरते रहे।
हमने कुछ दिन पहले गंदगी साफ कराई थी। अब और करा रहे हैं, लेकिन गंदी सिल्ट हटाने का काम सिंचाई विभाग का है।
- रविंद्र कुमार मांदड़, नगर आयुक्त, नगर निगम मथुरा-वृंदावन