{"_id":"57a0e4ab4f1c1bc3762b919a","slug":"fraud-in-tb-test","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिबंधित टेस्ट से टीबी जांच मामले में पर्दा डाल रहे अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिबंधित टेस्ट से टीबी जांच मामले में पर्दा डाल रहे अफसर
Updated Tue, 02 Aug 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
SD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तपेदिक न होने के बाद भी एक चिकित्सक द्वारा प्रतिबंधित टेस्ट कराने, टीबी की पुष्टि करके दवा लिखने के मामले में अफसर खामोश बने हैं। जबकि पीड़ित ने इसकी शिकायत डीएम,सीएमओ तक से की है।
कारब निवासी ओमप्रकाश के पुत्र को खांसी की शिकायत हुई, तो उसने भूतेश्वर रोड स्थित चिकित्सक को उसके क्लीनिक पर दिखाया। उसने शहर की एक लैब पर प्रतिबंधित टीबी गोल्ड परीक्षण कराया। इतना ही नहीं बाजार से टीबी की दवाइयां भी लिख दी। आराम नहीं होने पर बेटे की जांच टीबी सेनेटोरियम में कराई, तो चिकित्सकों ने टीबी होने से इंकार कर दिया। उधर, शिकायत पर सीएमओ ने इस मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डा.मधुर कुमार को सौंपी थी, लेकिन दो माह से जांच जहां की तहां अटकी हुई है।
जांच करने वाली लैब भी बंद
पीड़ित ओमप्रकाश ने अपने बेेटे की प्रतिबंधित जांच कृष्णा नगर स्थित जिस लैब में करवाई गई थी। बताया जाता है कि वह लैब भी सरकारी चिकित्सक के परिवार के ही एक व्यक्ति की है, जो इन दिनों बंद कर दी गई है।
विज्ञापन
मामला गंभीर था। इस मामले में शिकायती पत्र जिला क्षय रोग नियंत्रण कार्यालय भेजा गया है। जांच की रिपोर्ट अभी देखी नहीं है। रिपोर्ट देखकर कार्रवाई की जाएगी।’
डा.विवेक मिश्रा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी मथुरा।
विज्ञापन
कारब निवासी ओमप्रकाश के पुत्र को खांसी की शिकायत हुई, तो उसने भूतेश्वर रोड स्थित चिकित्सक को उसके क्लीनिक पर दिखाया। उसने शहर की एक लैब पर प्रतिबंधित टीबी गोल्ड परीक्षण कराया। इतना ही नहीं बाजार से टीबी की दवाइयां भी लिख दी। आराम नहीं होने पर बेटे की जांच टीबी सेनेटोरियम में कराई, तो चिकित्सकों ने टीबी होने से इंकार कर दिया। उधर, शिकायत पर सीएमओ ने इस मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डा.मधुर कुमार को सौंपी थी, लेकिन दो माह से जांच जहां की तहां अटकी हुई है।
विज्ञापन
जांच करने वाली लैब भी बंद
पीड़ित ओमप्रकाश ने अपने बेेटे की प्रतिबंधित जांच कृष्णा नगर स्थित जिस लैब में करवाई गई थी। बताया जाता है कि वह लैब भी सरकारी चिकित्सक के परिवार के ही एक व्यक्ति की है, जो इन दिनों बंद कर दी गई है।
विज्ञापन
मामला गंभीर था। इस मामले में शिकायती पत्र जिला क्षय रोग नियंत्रण कार्यालय भेजा गया है। जांच की रिपोर्ट अभी देखी नहीं है। रिपोर्ट देखकर कार्रवाई की जाएगी।’
डा.विवेक मिश्रा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी मथुरा।