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Mathura: कृष्ण भक्ति के रंग में रंगे नजर आ रहे विदेशी भक्त, सत्संग कर गुरुजनों से ले रहे आध्यात्मिक ज्ञान
Sat, 04 Nov 2023 09:43 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sat, 04 Nov 2023 09:43 PM IST
सार
मथुरा के वृंदावन में विदेशी भक्त कृष्ण भक्ति के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। यहां वह सत्संग करके गुरुजनों से आध्यात्मिक ज्ञान भी ले रहे हैं।
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कार्तिक मास में रूप सनातन गोस्वामी का गुणगान करते विदेशी भक्त।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन में कार्तिक मास में इन दिनों यूरोप सहित विभिन्न देशों से आए विदेशी भक्त कार्तिक नियम सेवा कर कृष्ण भक्ति के रंग में रंगे हैं। दिन की शुरुआत यमुना स्नान और पूजन के साथ हो रही है। दिनभर परिक्रमा और भगवान राधाकृष्ण की लीला का चिंतन करने के साथ ही आचार्यों का भी गुणगान करने के बाद शाम को दिन का समापन भी यमुना में दीपदान के साथ कर रहे हैं।
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कार्तिक मास नियम सेवा के लिए अमेरिका, बेल्जियम, चिली, दक्षिण अफ्रीका, रुस, यूक्रेन समेत विभिन्न देशों से आकर सेवाकुंज क्षेत्र, रमणरेती क्षेत्र में वृंदावनवास कर रहे हैं। स्वामी मधुसूदन महाराज ने बताया कि देश ही ही नहीं विदेशी भक्तों में भी आराध्य राधाकृष्ण के प्रति अपार श्रद्धा है। वह नियम संयम के साथ कार्तिक नियम सेवा प्रात: चार बजे से कर रहे हैं। यमुना पूजन, तुलसी पूजन, आराध्य चिंतन, परिक्रमा, दीपदान कर रहे हैं।
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इससे पहले वह भारतीय पोशाक, तुलसी की कंठी, जनेऊ और शिखा भी धारण कर रहे हैं। वह ठाकुरजी के प्रिय कार्तिक मास में कृष्ण भक्ति के साथ आचार्य सनातन गोस्वामी, रूप गोस्वामी, जीव गोस्वामी, गोपाल भट़्ट गोस्वामी, रघुनाथ दास गोस्वामी और रघुनाथ भट्ट गोस्वामी महाराज को गुणगान कर रहे हैं। इन सभी आचार्यों ने ही वृंदावन के प्राचीन सप्तदेवालयों की स्थापना की।
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अमेरिकन कृष्ण भक्त सावित्री देवी दासी एवं टर्की की सुनिधि देवी दासी ने कहा कि सभी मास में कार्तिक का विशेष महत्व है, जिसमें आचार्यों और गुरुजनों का गुणगान और आराध्य की सेवा और पूजन किया जा रहा है। नियम सेवा के माध्यम से चित्त को शुद्ध करने और आराध्य को प्राप्त करने का मार्ग बनाया जा रहा है।