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यमुना में मछली पकड़ने का उठा ठेका
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मथुरा। यमुना में अब मछलियों को जाल डालकर पकड़ा जा रहा है। यह काम प्रशासन द्वारा यमुना में मछलियों का ठेका उठाने के बाद महावन की एक सोसाइटी द्वारा किया जा रहा है।
शासन ने प्रदेश की सभी नदियों में मछली पकड़ने का ठेका उठाने का निर्देश दिया था। इस निर्देश के अनुपालन में जिलाधिकारी ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मथुरा-वृंदावन का क्षेत्र छोड़कर बाकी सभी स्थानों पर यमुना में मछली पकड़ने का ठेका दे दिया है। यह ठेका एक वर्ष के लिए महावन की एक सोसाइटी को दो लाख रुपये में दिया है। ठेका दिए अभी 13 दिन हुए हैं। यह ठेका 17 जुलाई को दिया था। सोसाइटी के लोग यमुना से मछली पकड़ने की शुरुआत रात करीब दस बजे से करते हैं और पूरी रात मछली पकड़ने का काम करते हैं।
हिंदूवादियों ने किया विरोध
यमुना में मछली पकड़ने का ठेका उठने की भनक लगते ही हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, विजय बहादुर सिंह ने चेतावनी दी है कि यह लोगों की भावना पर कुठाराघात है। महावन में जहां पर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी ने जन्म लिया, सभी लीलाएं कीं और उसी कृष्ण कालीन कालिंदी को बजाए पल्लवित करने के उसमें पलने वाली मछलियों को निकाला जा रहा है और खाने के लिए बेचा जा रहा है। यह न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन भी है।
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मछली का ठेका सरकार के निर्देश पर
मछली का ठेका सरकार के निर्देश पर उठाया गया है। इसमें धार्मिक भावनाओं को देखते हुए मथुरा-वृंदावन का क्षेत्र छोड़ दिया गया है। बाकी छाता और गोकुल बैराज से आगरा की सीमा तक मछलियां पकड़ने का ठेका दिया गया है।
- महेश चौहान, जिला मत्स्य अधिकारी
गांवों में फेंकीं जा रहीं मरी मछलियां
जो लोग मछलियां पकड़ रहे हैं वह मछली पकड़ने के प्वाइंट पर मरी हुईं मछलियों को फेंक रहे हैं। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। इसे लेकर दो दिन पूर्व कोयलाअलीपुर तथा अन्य गांवों के लोग डीएम से मिले। मछली पकड़ने वालों की शिकायत की है। शिकायत करने वालों में सुनील, राकेश कुमार, राजवीर, प्रहलाद कुमार, सुमन सैनी, महेश चंद, राजा, वीर बहादुर, धर्मपाल सिंह, विक्रम, चंद्रन सिंह आदि हैं। ग्रामीण धर्मपाल सिंह ने बताया कि यह लोग जहां से मछलियां पकड़ रहे हैं वहीं पर गंदगी भी कर रहे हैं।
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शासन ने प्रदेश की सभी नदियों में मछली पकड़ने का ठेका उठाने का निर्देश दिया था। इस निर्देश के अनुपालन में जिलाधिकारी ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मथुरा-वृंदावन का क्षेत्र छोड़कर बाकी सभी स्थानों पर यमुना में मछली पकड़ने का ठेका दे दिया है। यह ठेका एक वर्ष के लिए महावन की एक सोसाइटी को दो लाख रुपये में दिया है। ठेका दिए अभी 13 दिन हुए हैं। यह ठेका 17 जुलाई को दिया था। सोसाइटी के लोग यमुना से मछली पकड़ने की शुरुआत रात करीब दस बजे से करते हैं और पूरी रात मछली पकड़ने का काम करते हैं।
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हिंदूवादियों ने किया विरोध
यमुना में मछली पकड़ने का ठेका उठने की भनक लगते ही हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, विजय बहादुर सिंह ने चेतावनी दी है कि यह लोगों की भावना पर कुठाराघात है। महावन में जहां पर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी ने जन्म लिया, सभी लीलाएं कीं और उसी कृष्ण कालीन कालिंदी को बजाए पल्लवित करने के उसमें पलने वाली मछलियों को निकाला जा रहा है और खाने के लिए बेचा जा रहा है। यह न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन भी है।
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मछली का ठेका सरकार के निर्देश पर
मछली का ठेका सरकार के निर्देश पर उठाया गया है। इसमें धार्मिक भावनाओं को देखते हुए मथुरा-वृंदावन का क्षेत्र छोड़ दिया गया है। बाकी छाता और गोकुल बैराज से आगरा की सीमा तक मछलियां पकड़ने का ठेका दिया गया है।
- महेश चौहान, जिला मत्स्य अधिकारी
गांवों में फेंकीं जा रहीं मरी मछलियां
जो लोग मछलियां पकड़ रहे हैं वह मछली पकड़ने के प्वाइंट पर मरी हुईं मछलियों को फेंक रहे हैं। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। इसे लेकर दो दिन पूर्व कोयलाअलीपुर तथा अन्य गांवों के लोग डीएम से मिले। मछली पकड़ने वालों की शिकायत की है। शिकायत करने वालों में सुनील, राकेश कुमार, राजवीर, प्रहलाद कुमार, सुमन सैनी, महेश चंद, राजा, वीर बहादुर, धर्मपाल सिंह, विक्रम, चंद्रन सिंह आदि हैं। ग्रामीण धर्मपाल सिंह ने बताया कि यह लोग जहां से मछलियां पकड़ रहे हैं वहीं पर गंदगी भी कर रहे हैं।