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फर्जी एनओसी से विद्यालयों की मान्यता के फंदे में फंस सकते हैं शिक्षाधिकारी
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मथुरा। विद्यालयों की नवीन मान्यता में अग्निशमन और भूकंपरोधी भवन की फर्जी एनओसी के मामले में अब शक का दायरा खंड शिक्षाधिकारी और बीएसए कार्यालय की ओर बढ़ रहा है। मान्यता की संस्तुति में प्रमाणपत्रों के सत्यापन का दायित्व इन्हीं खंड शिक्षाधिकारियों का ही है। जांच के दौरान कुछ ऐसे भी विद्यालय सामने आ रहे हैं, जिनके आवेदन पूर्व में खारिज किए जा चुके थे।
शिक्षक भर्ती घोटाले में तत्कालीन बीएसए और चार खंड शिक्षाधिकारियों के निलंबन के बाद भी वर्तमान शिक्षाधिकारी फर्जीवाड़े से बाज नहीं आ रहे हैं। विद्यालयों की नवीन मान्यता के लिए फर्जी एनओसी के मामले में शक की सुई फिर शिक्षाधिकारियों की ओर घूम रही है। इसमें मुख्य भूमिका खंड शिक्षाधिकारियों के स्तर पर सामने आ रही है। विद्यालयों की मान्यता से पहले संबंधित आवेदन की मूल प्रमाण पत्रों से जांच और भौतिक सत्यापन का दायित्व खंड शिक्षाधिकारियों का ही है। जिला अग्निशमन अधिकारी भी इन सभी संभावनाओं के दृष्टिगत जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। इस दौरान छाता ब्लॉक में कई ऐसे भी विद्यालयों की जानकारी सामने आई है जिनके आवेदन तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पिछले शैक्षिक सत्र के दौरान मान्यता प्रक्रिया में खारिज कर दिए गए थे। इस बार उन्हें वर्तमान खंड शिक्षाधिकारी की रिपोर्ट पर मान्यता मिल गई है।
गौरतलब रहे कि जनपद में डेढ़ सौ से अधिक मान्यता पाने वाले प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अग्निशमन और भूकंपरोधी भवन संबंधी एनओसी की जांच की जा रही है। यह जांच अग्निशमन और पीडब्ल्यूडी की फर्जी एनओसी के आधार पर मान्यता देने संबंधी शिकायत के बाद शुरू हुई है। जिला अग्निशमन अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि विद्यालयों की मान्यता में फर्जी एनओसी की जांच कई पहलुओं को ध्यान रखकर की जा रही है। इसकी रिपोर्ट वे जल्द ही डीएम को प्रस्तुत करेंगे।
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शिक्षक भर्ती घोटाले में तत्कालीन बीएसए और चार खंड शिक्षाधिकारियों के निलंबन के बाद भी वर्तमान शिक्षाधिकारी फर्जीवाड़े से बाज नहीं आ रहे हैं। विद्यालयों की नवीन मान्यता के लिए फर्जी एनओसी के मामले में शक की सुई फिर शिक्षाधिकारियों की ओर घूम रही है। इसमें मुख्य भूमिका खंड शिक्षाधिकारियों के स्तर पर सामने आ रही है। विद्यालयों की मान्यता से पहले संबंधित आवेदन की मूल प्रमाण पत्रों से जांच और भौतिक सत्यापन का दायित्व खंड शिक्षाधिकारियों का ही है। जिला अग्निशमन अधिकारी भी इन सभी संभावनाओं के दृष्टिगत जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। इस दौरान छाता ब्लॉक में कई ऐसे भी विद्यालयों की जानकारी सामने आई है जिनके आवेदन तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पिछले शैक्षिक सत्र के दौरान मान्यता प्रक्रिया में खारिज कर दिए गए थे। इस बार उन्हें वर्तमान खंड शिक्षाधिकारी की रिपोर्ट पर मान्यता मिल गई है।
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गौरतलब रहे कि जनपद में डेढ़ सौ से अधिक मान्यता पाने वाले प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अग्निशमन और भूकंपरोधी भवन संबंधी एनओसी की जांच की जा रही है। यह जांच अग्निशमन और पीडब्ल्यूडी की फर्जी एनओसी के आधार पर मान्यता देने संबंधी शिकायत के बाद शुरू हुई है। जिला अग्निशमन अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि विद्यालयों की मान्यता में फर्जी एनओसी की जांच कई पहलुओं को ध्यान रखकर की जा रही है। इसकी रिपोर्ट वे जल्द ही डीएम को प्रस्तुत करेंगे।
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