फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Eyeglass shopkeepers themselves have become eye doctors

Mathura News: चश्मों के दुकानदार खुद ही बन बैठे नेत्र चिकित्सक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Aug 2025 01:02 AM IST
विज्ञापन
Eyeglass shopkeepers themselves have become eye doctors
मथुरा। कलेक्ट्रेट सभागार में नजर का चश्मा बनाता दुकानदार। - फोटो : mathura
मथुरा। शहर में चश्मा के दुकानदार खुद ही नेत्र चिकित्सक बन बैठे हैं। नियमों की अनदेखी कर 100 से 150 रुपये में आंखों की जांच का दावा करते हैं। जबकि नेत्र परीक्षण के लिए ऑप्टोमेट्रिस्ट का होना जरूरी है। जिम्मेदार इस खेल से बेपरवाह हैं। बाजार में जगह-जगह आंख की जांच करके चश्मा की दुकानें खुल गई हैं। कलेक्ट्रेट में एक व्यक्ति बिना किसी मशीन के आंखों का चश्मा बनाकर 250 रुपये में दे रहा है।
विज्ञापन

शहर में होली गेट बाजार, कोतवाली रोड, मसानी रोड आदि स्थानों पर इस तरह की 35 से अधिक दुकानें संचालित हो रहीं हैं। नेत्र परीक्षण के नाम पर खिलवाड़ कर रहीं इन दुकानों पर जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ती है। होली गेट के पास एक नेत्र चिकित्सक ने बताया कि ऑप्टोमेट्रिस्ट के लिए चार से पांच साल का कोर्स किया जाता है। एक साल के अभ्यास के बाद यूपी स्टेट मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के बाद व्यक्ति ऑप्टोमेट्रिस्ट या नेत्र चिकित्सक बन पाता है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि पिछले दो साल से सबसे ज्यादा नेत्र परीक्षण की दुकान शहर में खुली हैं। इन दुकानों पर वह मशीन पर अलग-अलग अंक आंखों से दिखाकर चेक करते हैं, इसके साथ ही मशीन से आंख देखकर संबंधित व्यक्ति के चश्मा लगा देते हैं। कई लोगों को तो गलत चश्मा लगने से आंख में दिक्कत आती है। उधर, कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को एक व्यक्ति फर्श पर बैठकर नजर का चश्मा बना रहा था। पूछने पर बताया कि 250 से लेकर 350 रुपये तक का पास और दूर की नजर का चश्मा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



विजन ड्रम की 6 मीटर की दूरी अनिवार्य

किसी भी व्यक्ति का नेत्र परीक्षण कर नंबर देने का कार्य विजन ड्रम से किया जाता है। इसमें व्यक्ति से 6 मीटर की दूरी से विजन ड्रम से परीक्षण किया जाता है। बाजार में संचालित कई दुकानें ऐसी हैं, जहां ढाई मीटर की भी लंबाई नहीं है। ऐसे में नेत्र परीक्षण किस तरह किए जा रहे हैं, यह सोचने की बात है।




वर्जन


नेत्र परीक्षण के लिए डिप्लोमा के साथ ही प्रशिक्षण होना अनिवार्य है। शहर में अगर कही इन नियमों को दरकिनार किया जा रहा है तो शिकायत मिलते कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. संजीव यादव, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed