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Mathura News: अहम आ रहा आड़े, कहीं वहम ने परिवार उजाड़े
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मथुरा। प्रेमी को पाने की चाहत पतियों पर भारी पड़ रही है। किसी दंपती के बीच तीसरे को लेकर विवाद है, तो किसी के बीच मोबाइल का अधिक प्रयोग करने पर झगड़े हो रहे हैं। इस वजह से दंपती का घर नहीं बस रहा है। जून माह में ऐसे ही सात केस वन स्टॉप सेंटर पहुंचे हैं। फिलहाल निरंतर इन दंपतियों की काउंसिलिंग कराई जा रही है।
वन स्टॉप सेंटर यूनिट द्वितीय के अधिकारियों का कहना है कि जून माह में 28 मामले आए हैं। इनमें से 21 मामले ऐसे हैं, जिनमें पति आरोप लगाते हैं कि मायके वालों का जरूरत से ज्यादा दखल रहता है। मां और बेटी हमेशा फोन पर बात करती रहती हैं। बेटी अपनी मां के कहे पर चलती और घर में झगड़ा करती है। वहीं, पत्नी का कहना होता है कि उसकी सास की वजह से घर नहीं बस रहा।
इतना ही नहीं, प्रेम विवाह के बाद भी चरित्र पर संदेह किया जा रहा है। इसके अलावा इनमें से सात केस ऐसे भी हैं, जिनमें किसी तीसरे व्यक्ति के कारण दंपती के बीच झगड़े हो रहे हैं। कई मामलों में तो प्रेमी को पाने की चाहत में पत्नियां अपने पतियों को छोड़ने तक की कगार पर हैं। हालांकि रिश्तों को जोड़ने के लिए वन स्टॉप सेंटर में काउंसलर लगातार दंपतियों को मंत्र दे रहे हैं। काउंसलर निरंतर काउंसिलिंग करके रिश्तों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।संवाद
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केस एक-
टाउनशिप क्षेत्र में रहने वाले दंपती की शादी तीन साल पहले हुई थी। पति का आरोप है कि उनकी पत्नी दिन-रात मोबाइल पर बात करती रहती है। अगर वह पत्नी को कुछ कहते हैं तो तलाक की धमकी देने लगती है। किसी तीसरे के चक्कर में उनका रिश्ता खत्म होने की कगार पर है। हालांकि दंपती की निरंतर काउंसिलिंग की जा रही है।
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केस दो-
- फरह कस्बा के निवासी व्यक्ति का एक साल पहले प्रेम विवाह हुआ था। पति का आरोप है कि उनकी पत्नी अपने मायके में बात करने के बहाने से किसी अन्य युवक से बात करती है। दोनों के बीच कई बार विवाद भी हो चुका है। उन्होंने मायके वालों से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। दंपती की दो माह से वन स्टॉप सेंटर में काउंसिलिंग चल रही है।
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- प्रेम विवाह के बाद भी एक-दूसरे पर शक के मामले बढ़ना चिंताजनक है। दंपती का एक-दूसरे पर कम होता विश्वास समाज के ताने-बाने के लिए सही नहीं है। इसके अलावा अवैध संबंध की तरफ कदम बढ़ाना खतरनाक है। ऐसे केस इन दिनों बढ़े हैं।
नीतू चौहान, सेंट्रल मैनेजर, वन स्टॉप सेंटर यूनिट द्वितीय
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वन स्टॉप सेंटर यूनिट द्वितीय के अधिकारियों का कहना है कि जून माह में 28 मामले आए हैं। इनमें से 21 मामले ऐसे हैं, जिनमें पति आरोप लगाते हैं कि मायके वालों का जरूरत से ज्यादा दखल रहता है। मां और बेटी हमेशा फोन पर बात करती रहती हैं। बेटी अपनी मां के कहे पर चलती और घर में झगड़ा करती है। वहीं, पत्नी का कहना होता है कि उसकी सास की वजह से घर नहीं बस रहा।
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इतना ही नहीं, प्रेम विवाह के बाद भी चरित्र पर संदेह किया जा रहा है। इसके अलावा इनमें से सात केस ऐसे भी हैं, जिनमें किसी तीसरे व्यक्ति के कारण दंपती के बीच झगड़े हो रहे हैं। कई मामलों में तो प्रेमी को पाने की चाहत में पत्नियां अपने पतियों को छोड़ने तक की कगार पर हैं। हालांकि रिश्तों को जोड़ने के लिए वन स्टॉप सेंटर में काउंसलर लगातार दंपतियों को मंत्र दे रहे हैं। काउंसलर निरंतर काउंसिलिंग करके रिश्तों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।संवाद
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केस एक-
टाउनशिप क्षेत्र में रहने वाले दंपती की शादी तीन साल पहले हुई थी। पति का आरोप है कि उनकी पत्नी दिन-रात मोबाइल पर बात करती रहती है। अगर वह पत्नी को कुछ कहते हैं तो तलाक की धमकी देने लगती है। किसी तीसरे के चक्कर में उनका रिश्ता खत्म होने की कगार पर है। हालांकि दंपती की निरंतर काउंसिलिंग की जा रही है।
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केस दो-
- फरह कस्बा के निवासी व्यक्ति का एक साल पहले प्रेम विवाह हुआ था। पति का आरोप है कि उनकी पत्नी अपने मायके में बात करने के बहाने से किसी अन्य युवक से बात करती है। दोनों के बीच कई बार विवाद भी हो चुका है। उन्होंने मायके वालों से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। दंपती की दो माह से वन स्टॉप सेंटर में काउंसिलिंग चल रही है।
- प्रेम विवाह के बाद भी एक-दूसरे पर शक के मामले बढ़ना चिंताजनक है। दंपती का एक-दूसरे पर कम होता विश्वास समाज के ताने-बाने के लिए सही नहीं है। इसके अलावा अवैध संबंध की तरफ कदम बढ़ाना खतरनाक है। ऐसे केस इन दिनों बढ़े हैं।
नीतू चौहान, सेंट्रल मैनेजर, वन स्टॉप सेंटर यूनिट द्वितीय