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डीएम ने शुरू कराई 50 लाख से अधिक के कामों की जांच
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मथुरा। नवागत डीएम नवनीत चहल भले ही चार्ज संभालते ही कुंभ की व्यवस्थाओं में व्यस्त हो गए हों लेकिन उनकी नजर पूर्व में हुए निर्माण कार्यों की गड़बड़ी पर चली गई है। उन्होंने इनकी सच्चाई जानने के लिए सभी विभागों द्वारा कराए जा रहे 50 लाख से अधिक के कामों की जांच शुरू करा दी है। उनके द्वारा जांच की जिम्मेदारी सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ के माध्यम से अधिकारियों को सौंपी है।
विभिन्न योजनाओं के तहत जनपद में करोड़ों रुपये के काम कराए जा रहे थे। जिन विभागों द्वारा काम कराए जा रहे हैं उनमें लोक निर्माण विभाग -8, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड- 15, उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम-3, जल निगम कंस्टक्शन एड डिजायन सर्विसेज सीएनडीएस-7, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग-2,
यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन-6, उत्तर प्रदेश जलनिगम-63, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड-14, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद-4, यूपी पीसीएल यूनिट नोएडा-1, अपर खंड आगरा नहर-3, उत्तर प्रदेश कंस्टक्शन एंड इंफास्टक्चर डवलमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यूपीएसआईडीसी-6, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के 31 कार्य शामिल हैं। विभागों को इन कामों की करीब दो से तीन वर्ष पूर्व जिम्मेदारी मिली थी लेकिन इन कार्यों की स्थलीय जांच नहीं हो सकी है। कई विभागों ने रिकॉर्ड में अपने कामों को पूरा तक दिखा दिया है। जबकि धरातल पर इन कामों की स्थिति बहुत ही खराब बताई जा रही है। इसकी भनक लगते ही डीएम ने सीडीओ को इन सभी को कामों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने बताया कि अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को यह जांच सौंप गई है।
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सेल्फी व फोटो सहित देनी होगी रिपोर्ट
कहीं यह अधिकारी जांच में कोई कमी नहीं रखें इसके लिए उन्हें खास निर्देश भी मिले हैं। निर्देश यह भी हैं कि वह मौके पर पहुंचने की सेल्फी तथा कामों की फोटो भी डालेंगे।
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विभिन्न योजनाओं के तहत जनपद में करोड़ों रुपये के काम कराए जा रहे थे। जिन विभागों द्वारा काम कराए जा रहे हैं उनमें लोक निर्माण विभाग -8, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड- 15, उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम-3, जल निगम कंस्टक्शन एड डिजायन सर्विसेज सीएनडीएस-7, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग-2,
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यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन-6, उत्तर प्रदेश जलनिगम-63, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड-14, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद-4, यूपी पीसीएल यूनिट नोएडा-1, अपर खंड आगरा नहर-3, उत्तर प्रदेश कंस्टक्शन एंड इंफास्टक्चर डवलमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यूपीएसआईडीसी-6, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के 31 कार्य शामिल हैं। विभागों को इन कामों की करीब दो से तीन वर्ष पूर्व जिम्मेदारी मिली थी लेकिन इन कार्यों की स्थलीय जांच नहीं हो सकी है। कई विभागों ने रिकॉर्ड में अपने कामों को पूरा तक दिखा दिया है। जबकि धरातल पर इन कामों की स्थिति बहुत ही खराब बताई जा रही है। इसकी भनक लगते ही डीएम ने सीडीओ को इन सभी को कामों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने बताया कि अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को यह जांच सौंप गई है।
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सेल्फी व फोटो सहित देनी होगी रिपोर्ट
कहीं यह अधिकारी जांच में कोई कमी नहीं रखें इसके लिए उन्हें खास निर्देश भी मिले हैं। निर्देश यह भी हैं कि वह मौके पर पहुंचने की सेल्फी तथा कामों की फोटो भी डालेंगे।