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Mathura News: नई तकनीक से नहीं कदमताल, पुराने ढर्रे पर जिला अस्पताल
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मथुरा। जहां दुनिया समय के साथ बदलते हुए नई तकनीक के साथ कदमताल करते चल रही है। वहीं जिला अस्पताल अभी भी पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है। वह तकनीक के साथ आगे नहीं बढ़ रहा है। यहां रेडियोलॉजिस्ट विभाग में अभी भी मैन्युअल मशीन से एक्सरे किए जा रहे हैं।
महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय के रेडियोलॉजिस्ट विभाग में मरीजों का एक्सरे अभी भी मैन्युअल एक्सरे मशीन से किए जा रहे हैं। मैन्युअल मशीन से एक्सरे होने के कारण जहां समय भी अधिक खर्च होता है। वहीं एक्सरे की स्पष्टता भी डिजिटल एक्सरे मशीन के सापेक्ष कम ही रहती है। इस कारण अब डिजिटल एक्सरे की डिमांड होने लगी है। वर्तमान में मैन्युअल मशीन से जहां 50 से 60 एक्सरे प्रतिदिन हो रहे हैं। वहीं यदि डिजिटल एक्सरे मशीन मिल जाए तो यह संख्या बढ़कर 80 से 100 अथवा भी पहुंच सकती है।
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. देवेंद्र अग्रवाल ने बताया कि मैन्युअल एक्सरे मशीन में एक्सरे करने में अधिक समय लगता है। इसकी इमेज को सूखने में समय लगता है। यदि एक्सरे में कुछ गड़बड़ हो तो दोबारा एक्सरे करने में कम से कम 15 से 20 मिनट का समय लग जाता है। जबकि सीआर डिजिटल में एक्सरे होते ही इमेज सीधे कंप्यूटर में चली जाती हैं। यदि कोई गड़बड़ हो तो तुरंत फिर से हो सकती है, क्योंकि इसमें इमेज तुरंत ही दिख जाती है। इसकी इमेज भी अधिक स्पष्ट होती है।
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फिलहाल मैन्युअल एक्सरे मशीन से ही एक्सरे किए जा रहे हैं। मरीजों को वापस नहीं लौटने दिया जा रहा है। हालांकि इसके बाद भी डिजिटल एक्सरे मशीन के लिए कई बार मांग पत्र लिखा जा चुका है। पर अभी तक मिली नहीं है।
- डॉ. मुकुंद बंसल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय के रेडियोलॉजिस्ट विभाग में मरीजों का एक्सरे अभी भी मैन्युअल एक्सरे मशीन से किए जा रहे हैं। मैन्युअल मशीन से एक्सरे होने के कारण जहां समय भी अधिक खर्च होता है। वहीं एक्सरे की स्पष्टता भी डिजिटल एक्सरे मशीन के सापेक्ष कम ही रहती है। इस कारण अब डिजिटल एक्सरे की डिमांड होने लगी है। वर्तमान में मैन्युअल मशीन से जहां 50 से 60 एक्सरे प्रतिदिन हो रहे हैं। वहीं यदि डिजिटल एक्सरे मशीन मिल जाए तो यह संख्या बढ़कर 80 से 100 अथवा भी पहुंच सकती है।
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रेडियोलॉजिस्ट डॉ. देवेंद्र अग्रवाल ने बताया कि मैन्युअल एक्सरे मशीन में एक्सरे करने में अधिक समय लगता है। इसकी इमेज को सूखने में समय लगता है। यदि एक्सरे में कुछ गड़बड़ हो तो दोबारा एक्सरे करने में कम से कम 15 से 20 मिनट का समय लग जाता है। जबकि सीआर डिजिटल में एक्सरे होते ही इमेज सीधे कंप्यूटर में चली जाती हैं। यदि कोई गड़बड़ हो तो तुरंत फिर से हो सकती है, क्योंकि इसमें इमेज तुरंत ही दिख जाती है। इसकी इमेज भी अधिक स्पष्ट होती है।
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फिलहाल मैन्युअल एक्सरे मशीन से ही एक्सरे किए जा रहे हैं। मरीजों को वापस नहीं लौटने दिया जा रहा है। हालांकि इसके बाद भी डिजिटल एक्सरे मशीन के लिए कई बार मांग पत्र लिखा जा चुका है। पर अभी तक मिली नहीं है।
- डॉ. मुकुंद बंसल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक