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बीएलओ की गड़बड़ी ने कराए बवाल
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Tue, 01 Dec 2015 07:27 PM IST
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मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के दौरान बीएलओ की मनमानी अब पुलिस और प्रशासन भारी पड़ रही है। आरोप है कि बीएलओ ने मतदाता सूची में 18 वर्ष से कम उम्र के किशोर और किशोरियों के नाम जोड़ दिए थे। इन्हीं कम उम्र के मतदाताओं को वोट देने से रोकने के पीछे ग्राम पंचायत चुनाव में झगड़े हो रहे हैं।
पंचायत चुनाव से पहले से प्रशासन ने मतदाता सूची संशोधित करने के लिए अभियान चलाया था। इसमें बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को गांव में न रहने वाले, मृत लोगों के वोट हटाने और 18 साल उम्र पूरी कर चुके युवक-युवतियों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने का कार्य करना था।
आरोप है कि उस दौरान प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ने का मन बना चुके लोगों ने बीएलओ की मदद से 18 वर्ष से कम उम्र के किशोर-किशोरियों के नाम सूची में शामिल करा दिए। मंगलवार को मांट और नौहझील ब्लाक मेें सभी मतदान केंद्रों पर इन्हीं वोटर के कारण झगड़े होते रहे।
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बताया गया है कि मांट ब्लाक के गांव ढहेरुआ में 18 प्रत्याशियों ने रिश्तेदारों तक को वोटिंग के लिए बुला लिया। कंट्रोल रूम को इस गांव से सर्वाधिक गड़बड़ी की सूचनाएं दी गईं। सूचना पर एसडीएम सदर राजेश कुमार और सीओ सदर आरके गौतम गांव पहुंचे और देर तक रुकने के दौरान वोट देने आए किशोरों को पकड़ लिया।
उनके पास आधार कार्ड थे लेकिन उम्र कम थी। पीठासीन अधिकारी ने रोका तो मारपीट की नौबत आ गई। पानीगांव में गांव भूतिया के 12, 13 और 17 साल के किशोर वोट डालने के लिए लाइन में लग गए। यहां पीठासीन अधिकारी ने रोका तो पोलिंग एजेंट वोट डलवाने के लिए शोर करने लगे। इस पर पुलिस ने तीनों किशोरों को पकड़ लिया।
बाद में परिवारीजनों द्वारा खेद जताने पर चेतावनी देकर छोड़ दिया। इसी तरह मानागढ़ी, कराहरी, जरारा, सिकंदरपुर, ओहावा, सुल्तानपुर, नानकपुर, रायपुर मांट, भैरई, परसोतीगढ़ी आदि में मारपीट, झगड़े और फर्जी वोटिंग की सूचनाएं मिलती रहीं। इन पर क्लस्टर, सुपर क्लस्टर दस्ते और मोबाइल टीम दौड़ती रहीं।
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पंचायत चुनाव से पहले से प्रशासन ने मतदाता सूची संशोधित करने के लिए अभियान चलाया था। इसमें बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को गांव में न रहने वाले, मृत लोगों के वोट हटाने और 18 साल उम्र पूरी कर चुके युवक-युवतियों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने का कार्य करना था।
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आरोप है कि उस दौरान प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ने का मन बना चुके लोगों ने बीएलओ की मदद से 18 वर्ष से कम उम्र के किशोर-किशोरियों के नाम सूची में शामिल करा दिए। मंगलवार को मांट और नौहझील ब्लाक मेें सभी मतदान केंद्रों पर इन्हीं वोटर के कारण झगड़े होते रहे।
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बताया गया है कि मांट ब्लाक के गांव ढहेरुआ में 18 प्रत्याशियों ने रिश्तेदारों तक को वोटिंग के लिए बुला लिया। कंट्रोल रूम को इस गांव से सर्वाधिक गड़बड़ी की सूचनाएं दी गईं। सूचना पर एसडीएम सदर राजेश कुमार और सीओ सदर आरके गौतम गांव पहुंचे और देर तक रुकने के दौरान वोट देने आए किशोरों को पकड़ लिया।
उनके पास आधार कार्ड थे लेकिन उम्र कम थी। पीठासीन अधिकारी ने रोका तो मारपीट की नौबत आ गई। पानीगांव में गांव भूतिया के 12, 13 और 17 साल के किशोर वोट डालने के लिए लाइन में लग गए। यहां पीठासीन अधिकारी ने रोका तो पोलिंग एजेंट वोट डलवाने के लिए शोर करने लगे। इस पर पुलिस ने तीनों किशोरों को पकड़ लिया।
बाद में परिवारीजनों द्वारा खेद जताने पर चेतावनी देकर छोड़ दिया। इसी तरह मानागढ़ी, कराहरी, जरारा, सिकंदरपुर, ओहावा, सुल्तानपुर, नानकपुर, रायपुर मांट, भैरई, परसोतीगढ़ी आदि में मारपीट, झगड़े और फर्जी वोटिंग की सूचनाएं मिलती रहीं। इन पर क्लस्टर, सुपर क्लस्टर दस्ते और मोबाइल टीम दौड़ती रहीं।