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वैकुण्ठ द्वार में ठाकुर राधारमण लाल को देख भक्त हुए निहाल
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वृंदावन। सप्त देवालयों में शामिल ठाकुर श्रीराधारमण मंदिर में चल रहे ग्रीष्मकालीन सेवा निकुंज महोत्सव के अंतर्गत निर्जला एकादशी के अवसर पर वैकुंठ द्वार में राधारमण देव जू ने विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए।
शंख, चक्र, गदा एवं पद्म से सुशोभित वैकुंठ द्वार में अपने आराध्य को पाकर भक्त निहाल हो गए। वैकुंठ द्वार में हाथ पंखा एवं मिट्टी के कुंजा निर्जला एकादशी की अद्भुत छटा बिखेर रहे थे।
सेवा महोत्सव की जानकारी देते हुए आध्यात्मिक गुरू आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने बताया कि द्वादश आदित्य में तृतीय आदित्य कहे जाने वाले आर्यमादित्य ने श्रीराधारमण लाल निकुंज भावस्वरूप सजाई गई। इस अवसर पर वेणुगोपाल गोस्वामी, आचार्य सुवर्ण गोस्वामी, आचार्य अभिनव गोस्वामी उपस्थित थे। शाम कालीन राग सेवा में भजन गायक पंडित दामोदर शर्मा ने ब्रज के राधा रमण मेरे, राधा रमण मेरे, प्राणधन राधारमण मेरे आदि भजनों की प्रस्तुति दी।
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शंख, चक्र, गदा एवं पद्म से सुशोभित वैकुंठ द्वार में अपने आराध्य को पाकर भक्त निहाल हो गए। वैकुंठ द्वार में हाथ पंखा एवं मिट्टी के कुंजा निर्जला एकादशी की अद्भुत छटा बिखेर रहे थे।
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सेवा महोत्सव की जानकारी देते हुए आध्यात्मिक गुरू आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने बताया कि द्वादश आदित्य में तृतीय आदित्य कहे जाने वाले आर्यमादित्य ने श्रीराधारमण लाल निकुंज भावस्वरूप सजाई गई। इस अवसर पर वेणुगोपाल गोस्वामी, आचार्य सुवर्ण गोस्वामी, आचार्य अभिनव गोस्वामी उपस्थित थे। शाम कालीन राग सेवा में भजन गायक पंडित दामोदर शर्मा ने ब्रज के राधा रमण मेरे, राधा रमण मेरे, प्राणधन राधारमण मेरे आदि भजनों की प्रस्तुति दी।
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