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Mathura News: 32 वीं तीन वन राधारानी परिक्रमा में उमड़े श्रद्धालु
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मांट। राधारानी तीन वन परिक्रमा के 32वें सोपान का शुभारंभ शनिवार को मांट तहसील मुख्य द्वार से हुआ। बंसीवट के संत वृंदावन दास महाराज के सानिध्य में सुबह आठ बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परिक्रमा शुरू हुई। राधे-राधे के जयघोष के साथ हजारों श्रद्धालु परिक्रमा में शामिल हुए।
परिक्रमा मांट से राधारानी मानसरोवर के लिए रवाना हुई। रास्ते में ग्राम भीम में ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और बाल भोग का वितरण किया। इसके बाद श्रद्धालु बेलवन स्थित महालक्ष्मी मंदिर पहुंचे, जहां महाप्रसादी, विश्राम तथा भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। संत वृंदावन दास महाराज ने कहा कि 31 माह पहले शुरू हुई यह परिक्रमा अब जनआस्था का स्वरूप ले चुकी है। प्रत्येक माह बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तीन वन की परिक्रमा पूर्ण करने से चौरासी कोस ब्रज परिक्रमा के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस परिक्रमा में शामिल होने का आह्वान किया। भीषण गर्मी को देखते हुए गोरे दाऊजी मंदिर सेवा समिति की ओर से परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह शीतल जल की व्यवस्था की गई। समिति के कार्यकर्ता पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे। परिक्रमा में शामिल वरिष्ठ अधिवक्ता मथुरेश नारायण ने बताया कि पिछले 31 माह से प्रत्येक माह नियमित रूप से यह परिक्रमा आयोजित की जा रही है।
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परिक्रमा मांट से राधारानी मानसरोवर के लिए रवाना हुई। रास्ते में ग्राम भीम में ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और बाल भोग का वितरण किया। इसके बाद श्रद्धालु बेलवन स्थित महालक्ष्मी मंदिर पहुंचे, जहां महाप्रसादी, विश्राम तथा भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। संत वृंदावन दास महाराज ने कहा कि 31 माह पहले शुरू हुई यह परिक्रमा अब जनआस्था का स्वरूप ले चुकी है। प्रत्येक माह बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल हो रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि तीन वन की परिक्रमा पूर्ण करने से चौरासी कोस ब्रज परिक्रमा के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस परिक्रमा में शामिल होने का आह्वान किया। भीषण गर्मी को देखते हुए गोरे दाऊजी मंदिर सेवा समिति की ओर से परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह शीतल जल की व्यवस्था की गई। समिति के कार्यकर्ता पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे। परिक्रमा में शामिल वरिष्ठ अधिवक्ता मथुरेश नारायण ने बताया कि पिछले 31 माह से प्रत्येक माह नियमित रूप से यह परिक्रमा आयोजित की जा रही है।
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