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रफ्तार की सड़कों पर खतरे ही खतरे

Tue, 02 Aug 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Tue, 02 Aug 2016 11:59 PM IST
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danger at highway and yamuna expressway
चौकी पर नहीं पुलिस
यमुना एक्सप्रेसवे हो या हाईवे इन पर सफर के दौरान तमाम खतरे हैं। इन पर यदि आपको किसी इमरजेंसी सेवा की जरूरत पड़ जाए तो बड़ी मुश्किल हो जाती है। पुलिस तो कहीं दिखती ही नहीं। कहां और किसे फोन किया जाए ऐसी जानकारी वाले बोर्ड भी नजर नहीं आते।
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आप को यह भी नहीं पता चल पाएगा कि आप कहां और किस स्थान पर खड़े हैं। किसी प्रकार का कोई संकेतक है ही नहीं। हाईवे पर डिवाइडर तोड़कर जगह-जगह बने कट आए दिन जानलेवा साबित हो रहे हैं, लेकिन कोई इनकी सुध नहीं ले रहा।
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ये हैं परेशानियां
- आप किस कस्बे या शहर से गुजर रहे हैं पता ही नहीं चलता। कहीं नहीं हैं जगह के बोर्ड।
- इमरजेंसी नंबरों की सूचनाओं वाले बोर्ड भी सैकड़ों किलोमीटर तक कहीं नजर नहीं आते।
- यदि आपकी गाड़ी खराब हो जाए तो दूर-दूर तक मदद नहीं मिलती।

- टोल की सुविधाओं वाले नंबरों का भी कहीं उल्लेख नहीं किया जा रहा है।
- क्रेन मंगवानी हो तो टोल पर फोन कर सकते हैं, लेकिन किसी को नंबर ही नहीं पता।

- टोल पर इमरजेंसी मेडिकल सुविधा मिलती है, लेकिन किसी को पता ही नहीं है।
- हेल्प बूथ बनाने का दावा किया गया था, लेकिन कहीं नजर ही नहीं आते हैं।

कॉल बॉक्स, सीसीटीवी हैं खराब, बोर्ड भी नहीं दिखते
आगरा से नोएडा तक बने 165 किलोमीटर के यमुना एक्सप्रेसवे पर लोगों को मुसीबत में फोन करने के लिए जगह-जगह इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए गए थे। इनका कनेक्शन सीधे कंट्रोल रूम से था, लेकिन अब सभी खराब पड़े हैं। जरूरत पड़ने पर कोई फोन भी नहीं कर सकता। सीसीटीवी खराब होने से निगहबानी भी पूरी तरह से बंद हो गई है।
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सफर के दौरान किसी को पुलिस की मदद चाहिए, डाक्टर की सेवा चाहिए तो वह किस नंबर पर संपर्क करें इसकी सूचना वाले बोर्ड तो कहीं दिखते ही नहीं। जबकि सड़क परिवहन मंत्रालय का आदेश है कि हर दस किलोमीटर पर इमरजेंसी सेवा की जानकारी देने वाले बोर्ड लगाए जाएं।

ढाबों पर आराम करती है पुलिस
हाईवे हो या एक्सप्रेसवे सभी जगह पुलिस मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं। हर पांच किलोमीटर पर मोबाइल टीम होनी चाहिए, लेकिन रात में यह कहीं नहीं दिखतीं। यदि आसपास के ढाबों पर नजर दौड़ाएं तो यहां जरूर पुलिस की गाड़ियां खड़ी दिख जाएंगी। जबकि इन्हें रहना चाहिए हाईवे पर। आमतौर पर देखने में आया है कि ढाबों पर पड़ी चारपाई पर पुलिस वाले पैर फैलाकर सो जाते हैं।



टोल प्लाजा पर होनी चाहिए यह सुविधाएं
क्रेन, एंबुलेंस, रूट पेट्रोल, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा।

अब डीजीपी के आदेश पर दौड़ रही पुलिस
बुलंदशहर की घटना के बाद पुलिस हरकत में आई है। हाईवे और यमुना एक्सप्रेसवे समेत सभी प्रमुख मार्गों की निगहबानी की जा रही है। जगह-जगह चेकिंग कराई जा रही है। छोटे वाहनों को एक साथ निकाला जा रहा है। डीजीपी जावीद अहमद ने सोमवार को सभी जिलों को सर्कुलर जारी करके कहा है कि हाईवे पर नियमित पेट्रोलिंग कराई जाए। पुलिस अधिकारी भी रात को निरीक्षण करेंगे। मथुरा में भी अधिकारी चेकिंग कर रहे हैं।
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