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सप्त नदियों के जल और पंचामृत से गिरिराज प्रभु का महाभिषेक
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मथुरा। श्री गिरिराज सेवा समिति की ओर से आयोजित सार्वजनिक छप्पनभोग महोत्सव की पूर्व संध्या पर गिरिराज प्रभु का सप्त पवित्र नदियों के जल और पंचामृत से अभिषेक कराया गया। हालांकि इस बार कोरोना संक्रमण के कारण सीमित संख्या में पदाधिकारियों ने आयोजन कराया। हजारों भक्त इस बार प्रभु के दर्शन नहीं कर सके।
सेवायतों ने परंपरागत रूप से गिरिवर निकुंज के गिरिराज मंदिर में सप्त नदियों गंगा, यमुना, नर्मदा, कावेरी, कृष्णा, गोदावरी व चिनाब के पवित्र जल और कामधेनु गाय के दूध और पंचामृत से प्रभु का महाभिषेक किया। समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य प्रभु को पंचामृत से महाभिषेक कराया। सुगंधित फूलों की माला अर्पित की। मुरारी अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक वर्ष देश दुनिया से आए हजारों भक्त महाभिषेक के साक्षी बनते थे।
कोविड-19 की गाइड लाइन की वजह से गिरिराज प्रभु के मनोरथ को पूर्ण तो सेवायतों द्वारा उसी भक्ति भाव से किया, लेकिन प्रभु को निहारने वाले हजारों भक्त मौजूद नहीं हो सके। समिति के अध्यक्ष दीनानाथ अग्रवाल, महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती, राजेंद्र कुमार सराफ, राघवेंद्र गर्ग, मुरारी सरन सराफ, भगवान दास खंडेलवाल, राकेश गर्ग आदि ने पूजा अर्चना की ।
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सेवायतों ने परंपरागत रूप से गिरिवर निकुंज के गिरिराज मंदिर में सप्त नदियों गंगा, यमुना, नर्मदा, कावेरी, कृष्णा, गोदावरी व चिनाब के पवित्र जल और कामधेनु गाय के दूध और पंचामृत से प्रभु का महाभिषेक किया। समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य प्रभु को पंचामृत से महाभिषेक कराया। सुगंधित फूलों की माला अर्पित की। मुरारी अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक वर्ष देश दुनिया से आए हजारों भक्त महाभिषेक के साक्षी बनते थे।
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कोविड-19 की गाइड लाइन की वजह से गिरिराज प्रभु के मनोरथ को पूर्ण तो सेवायतों द्वारा उसी भक्ति भाव से किया, लेकिन प्रभु को निहारने वाले हजारों भक्त मौजूद नहीं हो सके। समिति के अध्यक्ष दीनानाथ अग्रवाल, महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती, राजेंद्र कुमार सराफ, राघवेंद्र गर्ग, मुरारी सरन सराफ, भगवान दास खंडेलवाल, राकेश गर्ग आदि ने पूजा अर्चना की ।
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