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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा इस्कॉन
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 25 Mar 2015 12:04 AM IST
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रमणरेती मार्ग स्थित कृष्ण-बलराम इस्कॉन मंदिर का 40वां स्थापना दिवस कार्यक्रम मंगलवार को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य आरंभ हो गया। चार दिन तक चलने वाले इस महोत्सव के लिए देश और विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आए हैं।
पहले दिन सुबह मंदिर में ठाकुर कृष्ण-बलराम, निताई-गौर और राधाकृष्ण के श्रीविग्रहों का पूजन किया गया। शाम को मंदिर के पट खुलते ही प्रांगण में हजारों श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन किया। इसके बाद महोत्सव के लिए बनाए गए सांस्कृतिक मंच पर मणिपुर के कलाकारों ने नृत्य के जरिए रासलीला की प्रस्तुति दी।
रसियन कलाकारों ने भी मंत्रमुग्ध कर दिया। मंदिर के अध्यक्ष पंचगौड़ा दास और दीनबंधु दास महाराज ने भक्तों को बताया कि भक्तिवेदांत श्रील प्रभुपाद महाराज ने विदेशों तक कृष्ण भक्ति का प्रचार प्रसार किया। वर्ष 1975 में वृंदावन में इस्कॉन मंदिर की स्थापना की। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि आज हमें श्रीकृष्ण के प्रेम तत्व का अनुसरण करने की जरूरत है।
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पहले दिन सुबह मंदिर में ठाकुर कृष्ण-बलराम, निताई-गौर और राधाकृष्ण के श्रीविग्रहों का पूजन किया गया। शाम को मंदिर के पट खुलते ही प्रांगण में हजारों श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन किया। इसके बाद महोत्सव के लिए बनाए गए सांस्कृतिक मंच पर मणिपुर के कलाकारों ने नृत्य के जरिए रासलीला की प्रस्तुति दी।
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रसियन कलाकारों ने भी मंत्रमुग्ध कर दिया। मंदिर के अध्यक्ष पंचगौड़ा दास और दीनबंधु दास महाराज ने भक्तों को बताया कि भक्तिवेदांत श्रील प्रभुपाद महाराज ने विदेशों तक कृष्ण भक्ति का प्रचार प्रसार किया। वर्ष 1975 में वृंदावन में इस्कॉन मंदिर की स्थापना की। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि आज हमें श्रीकृष्ण के प्रेम तत्व का अनुसरण करने की जरूरत है।
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