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बोलेरो और बस की टक्कर में छह की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:09 AM IST
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सड़क हादसा
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मथुरा-गोवर्धन मार्ग पर गांव अडींग के पास श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो गाड़ी की प्राइवेट बस की टक्कर हो गई। इस हादसे में बोलेरो सवार छह लोगों की मौत हो गई। बस और बोलेरो में सवार करीब 10 अन्य लोग घायल हो गए। इनमें बोलेरो में सवार पांच लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। मरने वाले मुरैना मध्यप्रदेश के रहने वाले थे और गिरिराजजी की परिक्रमा कर बोलेरो गाड़ी से लौट रहे थे।
हादसा मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे उस समय हुआ जब आगे जा रहे एक वाहन को ओवरटेक करते समय बोलेरो सामने से आ रही प्राइवेट बस से टकरा गई। इसमेें मुरैना की तहसील कैलारस के गांव भिलसइयां निवासी बोलेरो चालक कल्याण उर्फ कल्ला की मौके पर ही मौत हो गई।
जबकि इसी गांव के रवींद्र्र यादव, राजवीर, पंकज शर्मा, रामसिंह, देवी सिंह ने उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। बोलेरो में सवार ब्रजमोहन उर्फ मोहन, ब्रजेश, कृष्णा, पटेल, बलवीर और बस सवार लाखन, मलखान सिंह, पार्वती देवी, जयराम और कनछेदी निवासी ललितपुर भी गंभीर रूप से घायल हो गए, इनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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बोलेरो सवार लोग सोमवार शाम गोवर्धन गिरिराजजी की परिक्रमा करने आए थे। मंगलवार सुबह चार बजे परिक्रमा पूरी होने के बाद ये सभी जीप से वापस मुरैना के लिए चल दिए। मथुरा-गोवर्धन मार्ग पर गांव अडींग और नहर के बीच सामने से तेज गति से आ रही प्राइवेट बस की बोलेरो से सीधी टक्कर हो गई।
हादसा इतना भीषण था कि बोलेरो चालक कल्यान गाड़ी में ही बुरी तरह फंस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची गोवर्धन पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल हुए ब्रजमोहन, ब्रजेश, पटेल, कृष्णा व बलवीर को जिला अस्पताल से नयति हास्पिटल में भेजा गया।
घटना के बाद बस का चालक भाग गया। बस में सवार घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम को भेजे गए। इस मामले में कल्यान के रिश्तेदार विजय यादव ने गोवर्धन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कल्ला की दो मार्च को हुई थी शादी
बोलेरो के चालक कल्यान उर्फ कल्ला यादव के रिश्तेदार विजय सिंह यादव ने बताया कि कल्ला की दो मार्च को ही शादी हुई थी। मुरैना से चार-पांच गाड़ियों से 50 लोग सोमवार शाम गिरिराज परिक्रमा के लिए आए थे। रात में परिक्रमा कर सुबह लौट रहे थे कि कल्ला की हादसे में मौत हो गई।
छह परिवारों के चिराग बुझे
गोवर्धन। मंगल कामना के लिए गिरिराजजी की सप्तकोसीय परिक्रमा कर लौट रहे मुरैना के श्रद्धालुओं के लिए मंगल अमंगलकारी हो गया। हादसे से मुरैना के छह परिवारों के चिराग बुझ गए। वहीं नौ परिवारों को न भूलने वाला दंश दे दिया। सभी मृतक 20 से 30 वर्ष की आयु के हैं।
अकुशल चालक दौड़ाते हैं गाड़ियां
गोवर्धन-मथुरा रोड पर डग्गामार बस और बोलेरो की भीषण भिड़ंत ने परिवहन विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए। परिवहन विभाग और रोडवेज की नीरस कार्यप्रणाली को भी भीषण हादसे के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। गिरिराज नगरी में हर माह एकादशी से पूर्णिमा तक परिक्रमा के लिए लाखों परिक्रमार्थियों का सैलाब उमड़ता है।
इनके लिए रोडवेज बसों की समुचित व्यवस्था नहीं होती। शाम होते ही बसों का संचालन बंद हो जाता है। ऐसे में श्रद्धालु पूर्ण रूप से डग्गेमार वाहनों पर निर्भर हो जाते हैं। डग्गेमार वाहन संचालक, परिक्रमार्थियों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं।
गोवर्धन-मथुरा के बीच किराया 20 रुपये की जगह 50 रुपये वसूलते हैं और पहले नंबर लेने के चक्कर में रात में अकुशल चालक गाड़ियों को तेज गति से दौड़ाते हैं। इस बात से पुलिस और परिवहन विभाग अनजान होकर मासिक एंट्री फीस के खेल के चलते आंखें बंद किए रहते हैं।
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हादसा मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे उस समय हुआ जब आगे जा रहे एक वाहन को ओवरटेक करते समय बोलेरो सामने से आ रही प्राइवेट बस से टकरा गई। इसमेें मुरैना की तहसील कैलारस के गांव भिलसइयां निवासी बोलेरो चालक कल्याण उर्फ कल्ला की मौके पर ही मौत हो गई।
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जबकि इसी गांव के रवींद्र्र यादव, राजवीर, पंकज शर्मा, रामसिंह, देवी सिंह ने उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। बोलेरो में सवार ब्रजमोहन उर्फ मोहन, ब्रजेश, कृष्णा, पटेल, बलवीर और बस सवार लाखन, मलखान सिंह, पार्वती देवी, जयराम और कनछेदी निवासी ललितपुर भी गंभीर रूप से घायल हो गए, इनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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बोलेरो सवार लोग सोमवार शाम गोवर्धन गिरिराजजी की परिक्रमा करने आए थे। मंगलवार सुबह चार बजे परिक्रमा पूरी होने के बाद ये सभी जीप से वापस मुरैना के लिए चल दिए। मथुरा-गोवर्धन मार्ग पर गांव अडींग और नहर के बीच सामने से तेज गति से आ रही प्राइवेट बस की बोलेरो से सीधी टक्कर हो गई।
हादसा इतना भीषण था कि बोलेरो चालक कल्यान गाड़ी में ही बुरी तरह फंस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची गोवर्धन पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल हुए ब्रजमोहन, ब्रजेश, पटेल, कृष्णा व बलवीर को जिला अस्पताल से नयति हास्पिटल में भेजा गया।
घटना के बाद बस का चालक भाग गया। बस में सवार घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम को भेजे गए। इस मामले में कल्यान के रिश्तेदार विजय यादव ने गोवर्धन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कल्ला की दो मार्च को हुई थी शादी
बोलेरो के चालक कल्यान उर्फ कल्ला यादव के रिश्तेदार विजय सिंह यादव ने बताया कि कल्ला की दो मार्च को ही शादी हुई थी। मुरैना से चार-पांच गाड़ियों से 50 लोग सोमवार शाम गिरिराज परिक्रमा के लिए आए थे। रात में परिक्रमा कर सुबह लौट रहे थे कि कल्ला की हादसे में मौत हो गई।
छह परिवारों के चिराग बुझे
गोवर्धन। मंगल कामना के लिए गिरिराजजी की सप्तकोसीय परिक्रमा कर लौट रहे मुरैना के श्रद्धालुओं के लिए मंगल अमंगलकारी हो गया। हादसे से मुरैना के छह परिवारों के चिराग बुझ गए। वहीं नौ परिवारों को न भूलने वाला दंश दे दिया। सभी मृतक 20 से 30 वर्ष की आयु के हैं।
अकुशल चालक दौड़ाते हैं गाड़ियां
गोवर्धन-मथुरा रोड पर डग्गामार बस और बोलेरो की भीषण भिड़ंत ने परिवहन विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए। परिवहन विभाग और रोडवेज की नीरस कार्यप्रणाली को भी भीषण हादसे के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। गिरिराज नगरी में हर माह एकादशी से पूर्णिमा तक परिक्रमा के लिए लाखों परिक्रमार्थियों का सैलाब उमड़ता है।
इनके लिए रोडवेज बसों की समुचित व्यवस्था नहीं होती। शाम होते ही बसों का संचालन बंद हो जाता है। ऐसे में श्रद्धालु पूर्ण रूप से डग्गेमार वाहनों पर निर्भर हो जाते हैं। डग्गेमार वाहन संचालक, परिक्रमार्थियों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं।
गोवर्धन-मथुरा के बीच किराया 20 रुपये की जगह 50 रुपये वसूलते हैं और पहले नंबर लेने के चक्कर में रात में अकुशल चालक गाड़ियों को तेज गति से दौड़ाते हैं। इस बात से पुलिस और परिवहन विभाग अनजान होकर मासिक एंट्री फीस के खेल के चलते आंखें बंद किए रहते हैं।