{"_id":"587d0e2b4f1c1b665fefef7a","slug":"ramvriksh-son-s-hair-and-blood-samples-for-dna-comparison","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामवृक्ष के बेटे के बाल और खून के सैंपल लिए","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रामवृक्ष के बेटे के बाल और खून के सैंपल लिए
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 16 Jan 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
रामवृक्ष का बेटा राजनारायण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जवाहरबाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष यादव के डीएनए का मिलान कराने के लिए सोमवार को उसके बेटे राजनारायण के खून और बाल का सैंपल लिया गया। इसे प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। यह रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी।
रामवृक्ष के डीएनए के मिलान के लिए पिछले दिनों हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए थे। इस आदेश के बाद मथुरा पुलिस हरकत में आई और रामवृक्ष के परिवार की तलाश में लग गई। रामवृक्ष का बेटा राजनारायण पुलिस को मिल गया जिसे सोमवार को पहले सीजेएम की अदालत में पेश किया गया।
वहां से अनुमति लेने के बाद जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में भेजा गया। यहां डाक्टरों की टीम ने राजनारायण के बाल और रक्त के दो-दो सैंपल लिए। जिला अस्पताल में करीब दो घंटे तक प्रक्रिया चली। इस दौरान पुलिस अधिकारी भी यहां मौजूद रहे। अफसरों का कहना है कि सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। रामवृक्ष के बेटे को कड़ी पुलिस सुरक्षा में रखा गया था।
विज्ञापन
अपनी मर्जी से आया हूं: राजनारायण
जवाहरबाग हिंसा के सरगना रामवृक्ष यादव के पुत्र राजनारायण ने कहा कि वह अपनी मर्जी से यहां आया है। एक सप्ताह पहले उसकी बहन गुड़िया ने कहा था कि पुलिस का दबाव है और हाईकोर्ट की सख्ती। इसी के चलते वह अपने साथी विपिन के साथ मथुरा आया। यहां पर सोमवार को डीएनए जांच के लिए उसका सैंपल लिया गया।
बेगमपुर बहजराबाद हरिद्वार में रह रहे राजनारायण ने कोर्ट परिसर में अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह प्राइवेट कंपनी में कार्य कर रहा है। डीएनए टेस्ट के बाद वह हरिद्वार चला जाएगा। जब भी पुलिस बुलाएगी तो वह यहां आएगा। पहले पुलिस रामवृक्ष की बेटी गुड़िया को बुलाना चाह रही थी। पुलिस गाजीपुर में उसके घर तक भी गई थी।
कोर्ट में पेश किए चंदन बोस, वीरेश सहित 98 आरोपी
- मथुरा, अलीगढ़ की जेलों से लाए गए जवाहरबाग हिंसा में शामिल रहे लोग
जवाहरबाग हिंसा में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष कुमार की हत्या के आरोपी सोमवार को अपर सत्र न्यायालय में पेश किए गए। कोर्ट ने आरोप तय करने के लिए अगली तिथि नियत की है।
दो जून को हुई जवाहरबाग हिंसा में कब्जेधारियों ने तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष कुमार की हत्या हो गई थी, 24 अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने सैकड़ों कब्जेधारियों को आरोपी बनाया है। इनमें से तीन लोगों की जेल में मौत हो चुकी है।
सोमवार को अलीगढ़, आगरा और मथुरा की जेल में बंद 98 आरोपी अपर सत्र न्यायालय लाए गए। इनमें चंदन बोस, पूनम बोस, राकेश गुप्ता, वीरेश आदि शामिल हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि अपर सत्र न्यायालय में इन पर आरोप तय किए जाने थे। इस मामले में 98 आरोपियों को पेश किया गया। न्यायालय ने मामले में 23 जनवरी की तिथि नियत की है।
विज्ञापन
रामवृक्ष के डीएनए के मिलान के लिए पिछले दिनों हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए थे। इस आदेश के बाद मथुरा पुलिस हरकत में आई और रामवृक्ष के परिवार की तलाश में लग गई। रामवृक्ष का बेटा राजनारायण पुलिस को मिल गया जिसे सोमवार को पहले सीजेएम की अदालत में पेश किया गया।
विज्ञापन
वहां से अनुमति लेने के बाद जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में भेजा गया। यहां डाक्टरों की टीम ने राजनारायण के बाल और रक्त के दो-दो सैंपल लिए। जिला अस्पताल में करीब दो घंटे तक प्रक्रिया चली। इस दौरान पुलिस अधिकारी भी यहां मौजूद रहे। अफसरों का कहना है कि सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। रामवृक्ष के बेटे को कड़ी पुलिस सुरक्षा में रखा गया था।
विज्ञापन
अपनी मर्जी से आया हूं: राजनारायण
जवाहरबाग हिंसा के सरगना रामवृक्ष यादव के पुत्र राजनारायण ने कहा कि वह अपनी मर्जी से यहां आया है। एक सप्ताह पहले उसकी बहन गुड़िया ने कहा था कि पुलिस का दबाव है और हाईकोर्ट की सख्ती। इसी के चलते वह अपने साथी विपिन के साथ मथुरा आया। यहां पर सोमवार को डीएनए जांच के लिए उसका सैंपल लिया गया।
बेगमपुर बहजराबाद हरिद्वार में रह रहे राजनारायण ने कोर्ट परिसर में अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह प्राइवेट कंपनी में कार्य कर रहा है। डीएनए टेस्ट के बाद वह हरिद्वार चला जाएगा। जब भी पुलिस बुलाएगी तो वह यहां आएगा। पहले पुलिस रामवृक्ष की बेटी गुड़िया को बुलाना चाह रही थी। पुलिस गाजीपुर में उसके घर तक भी गई थी।
कोर्ट में पेश किए चंदन बोस, वीरेश सहित 98 आरोपी
- मथुरा, अलीगढ़ की जेलों से लाए गए जवाहरबाग हिंसा में शामिल रहे लोग
जवाहरबाग हिंसा में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष कुमार की हत्या के आरोपी सोमवार को अपर सत्र न्यायालय में पेश किए गए। कोर्ट ने आरोप तय करने के लिए अगली तिथि नियत की है।
दो जून को हुई जवाहरबाग हिंसा में कब्जेधारियों ने तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष कुमार की हत्या हो गई थी, 24 अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने सैकड़ों कब्जेधारियों को आरोपी बनाया है। इनमें से तीन लोगों की जेल में मौत हो चुकी है।
सोमवार को अलीगढ़, आगरा और मथुरा की जेल में बंद 98 आरोपी अपर सत्र न्यायालय लाए गए। इनमें चंदन बोस, पूनम बोस, राकेश गुप्ता, वीरेश आदि शामिल हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि अपर सत्र न्यायालय में इन पर आरोप तय किए जाने थे। इस मामले में 98 आरोपियों को पेश किया गया। न्यायालय ने मामले में 23 जनवरी की तिथि नियत की है।